दिनदहाड़े रायपुर के ट्रांसपोर्टर का अपहरण, यूपी में सकुशल मिला कारोबारी
काली स्कॉर्पियो से तीन आरोपी गिरफ्तार, CCTV और टोल नाकों की मदद से पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाया मामला

रायपुर। राजधानी रायपुर में दिनदहाड़े ट्रांसपोर्ट कारोबारी के अपहरण की घटना से हड़कंप मच गया। खमतराई थाना क्षेत्र से अगवा किए गए ट्रांसपोर्टर प्रतीक राय को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में काली स्कॉर्पियो सवार तीन कथित अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 2 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:20 बजे प्रतीक राय खाना खाने के लिए रांवाभाठा स्थित अपने फ्लैट पहुंचे थे। वह डीएम टावर के सामने पहुंचे ही थे कि काली स्कॉर्पियो में सवार तीन लोगों ने उन्हें बातचीत के बहाने नीचे बुलाया। कुछ देर बातचीत के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें जबरन वाहन में बैठाया और मौके से फरार हो गए। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रतीक की पत्नी ने रात करीब 9 बजे खमतराई थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू करते हुए शहर के विभिन्न इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले। साथ ही संदिग्ध स्कॉर्पियो के संभावित रूट और टोल नाकों से गुजरने की जानकारी जुटाई गई।
जांच में वाहन के उत्तर प्रदेश की ओर जाने के संकेत मिलने पर रायपुर पुलिस ने यूपी पुलिस को अलर्ट किया। लगातार ट्रैकिंग के बाद मिर्जापुर के अहरौरा इलाके में काली स्कॉर्पियो को रोक लिया गया। वाहन से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और प्रतीक राय को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभय सिंह निवासी बाराबंकी, बृहस्पत देव सिंह निवासी दरियावगंज और आदर्श सिंह निवासी प्रतापपुर के रूप में हुई है। तीनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं और उनकी उम्र करीब 24 से 28 वर्ष के बीच है।
ट्रक के पैसों के लेनदेन का विवाद होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में अपहरण के पीछे ट्रक से जुड़े पैसों के लेनदेन का विवाद सामने आया है। हालांकि अपहरण की वास्तविक वजह और पूरी साजिश का खुलासा आरोपियों से पूछताछ के बाद होने की उम्मीद है।
तीनों आरोपियों को रायपुर लाने के लिए पुलिस टीम उत्तर प्रदेश रवाना हो गई है। रायपुर में पूछताछ के दौरान पुलिस अपहरण की पूरी साजिश, कारोबारी को अगवा करने की वजह और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच करेगी।
CCTV फुटेज, टोल नाकों और वाहन की ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 12 घंटे के भीतर कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया।
