साइबर ठगों को बैंक खाता देना पड़ा भारी, 95.65 लाख के म्यूल अकाउंट का खुलासा
नारायणपुर पुलिस ने खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी को दबोचा, साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल हो रहा था बैंक अकाउंट

नारायणपुर। साइबर ठगी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ नारायणपुर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के बैंक खाते से करीब 95.65 लाख रुपए की संदिग्ध राशि के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है, उन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है। ऐसे खातों की पहचान कर नारायणपुर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत थाना नारायणपुर के अपराध क्रमांक 62/2026 में पुलिस ने मनोज निषाद (32 वर्ष), पिता गुरूदत्त निषाद, निवासी टीसीपीसी कॉलोनी, बंगला पारा, नारायणपुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर धारा 317(2), 317(5), 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
दो महीने में 95.65 लाख का संदिग्ध लेन-देन
प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते की गहनता से जांच की। जांच में सामने आया कि 20 दिसंबर 2024 से 14 फरवरी 2025 के बीच आरोपी के खाते में कुल 95,65,134 रुपए की संदिग्ध राशि का लेन-देन हुआ। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और निकासी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और निकालने के लिए किया जा रहा था।
3 सितंबर को गिरफ्तारी, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मनोज निषाद को 3 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस अब साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। पुलिस का फोकस ठगी की रकम के पूरे लेन-देन और म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।
खाता, एटीएम या यूपीआई किसी को न दें
नारायणपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर कमीशन या किसी अन्य लालच के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई अथवा अन्य बैंकिंग सुविधा किसी को उपलब्ध न कराएं। यदि किसी व्यक्ति के खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में होता है तो खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी होने या संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी मिलते ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल सूचना देने की अपील की है। नारायणपुर पुलिस के मुताबिक साइबर ठगी के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ ठगी की रकम के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट धारकों पर भी लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
