अफगानिस्तान में बाढ़ का कहर, 20 लोगों की मौत, 100 से अधिक लापता; नूरेस्तान में युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी
अफगानिस्तान के नूरेस्तान प्रांत में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 100 से अधिक लोग लापता हैं। प्रशासन और बचाव दल युद्धस्तर पर राहत एवं रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं।

काबुल। अफगानिस्तान के पूर्वी नूरेस्तान प्रांत में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई प्रभावित इलाकों तक अभी भी राहत दल पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं।
अफगानिस्तान नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ANDMA) के अनुसार, बाढ़ ने नूरेस्तान की राजधानी परुन और आसपास के कई क्षेत्रों में भारी विनाश किया है। तेज बहाव में कई घर बह गए, कृषि भूमि नष्ट हो गई और सार्वजनिक सुविधाओं को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
लापता लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर अभियान
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया कि बाढ़ के बाद से राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। सेना, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे बचाव कार्यों में कठिनाई आ रही है। राहत एजेंसियां हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधनों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

घरों और खेती को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। कई मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि हजारों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं और भोजन, पेयजल तथा चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सरकार ने जताया दुख
सरकारी प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुजाहिद ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भेजी जा रही है तथा प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता से वंचित न रखा जाए।
मौसम आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है अफगानिस्तान
विशेषज्ञों के अनुसार अफगानिस्तान जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं से सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल है। देश के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फ पिघलने के कारण अचानक बाढ़ आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
साल 2024 में भी वसंत ऋतु के दौरान आई विनाशकारी बाढ़ में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं इस वर्ष की शुरुआत में देश के विभिन्न हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 110 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल नूरेस्तान प्रांत में राहत और बचाव कार्य जारी हैं और पूरे देश की नजरें उन सैकड़ों परिवारों पर टिकी हैं जो अपने लापता परिजनों की तलाश में उम्मीद लगाए बैठे हैं। बाढ़ ने एक बार फिर अफगानिस्तान में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
