AAP विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी समेत 9 लोगों को 7 साल की सजा
वन विभाग के अधिकारियों से मारपीट, धमकी और वसूली के मामले में दोषी करार

गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नर्मदा जिले की एक अदालत ने AAP विधायक एवं गुजरात इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष चैतर वसावा, उनकी पत्नी शकुंतला वसावा और सात अन्य आरोपियों को वन विभाग के अधिकारियों से मारपीट, धमकी और वसूली के मामले में दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

चैतर वसावा दक्षिण गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में AAP का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने डेडियापाड़ा सीट से जीत दर्ज कर पार्टी को आदिवासी इलाकों में मजबूत आधार दिलाया था। अदालत के इस फैसले को राज्य में AAP के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। यह मामला 30 अक्टूबर 2023 का है। आरोपों के अनुसार वन विभाग के अधिकारियों ने जंगल की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए कुछ ग्रामीणों को निर्देश दिए थे। इसके बाद चैतर वसावा ने पांच वन अधिकारियों को अपने डेडियापाड़ा स्थित आवास पर बुलाया।

एफआईआर के अनुसार बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, एक अधिकारी से मारपीट की गई और प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने की मांग की गई। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान चैतर वसावा ने हवाई फायरिंग की थी। जांच में सामने आया कि इस्तेमाल किए गए हथियार के लिए उनके पास वैध लाइसेंस नहीं था, जिसके चलते उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया। मामले में दंगा, वसूली, सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य निर्वहन से रोकने और धमकी देने सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। आरोप है कि घटना के अगले दिन उनके निजी सहायक ने वन अधिकारियों से दोबारा मुआवजे की मांग की थी। इस प्रकरण में चैतर वसावा के अलावा उनकी पत्नी शकुंतला वसावा, निजी सहायक जितेंद्र, रमेश वसावा और अन्य ग्रामीणों को भी आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद कुछ आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हुई थी, जबकि चैतर वसावा कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। उन्होंने 14 दिसंबर 2023 को आत्मसमर्पण किया था। बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव में भरूच सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। फिलहाल अदालत के ताजा फैसले पर आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
