भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पर FIR, बेटे-दामाद भी नामजद; बुजुर्ग दंपती से मारपीट का आरोप

भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पर FIR, बेटे-दामाद भी नामजद; बुजुर्ग दंपती से मारपीट का आरोप

कवर्धा। कवर्धा में पारिवारिक और संपत्ति विवाद ने अब पुलिस कार्रवाई का रूप ले लिया है। भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष विजय लक्ष्मी तिवारी, उनके बेटे वासु तिवारी और दामाद विक्की दुबे के खिलाफ मारपीट के आरोप में कोतवाली थाने में FIR दर्ज की गई है।

मामला शहर के वार्ड नंबर 10 का है। शिकायतकर्ता रवि कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया है कि 5 अगस्त को विजय लक्ष्मी तिवारी अपने बेटे और दामाद के साथ उनके घर पहुंचीं और उनके माता-पिता के साथ मारपीट की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके लकवाग्रस्त पिता को घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और नाली में फेंक दिया गया, जबकि उनकी मां के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें हाथ में चोट लगने की बात कही गई है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। रवि कुमार के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वह घर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने बाईं आंख के ऊपर चोट लगने का आरोप लगाया है।

आखिर क्या है विवाद?

शिकायतकर्ता के मुताबिक, विवाद की शुरुआत पारिवारिक और संपत्ति के मामले से हुई। वर्ष 2015 में रवि कुमार के बड़े भाई सूरज शुक्ला की शादी विजय लक्ष्मी तिवारी की छोटी बेटी से हुई थी। आरोप है कि घर को बड़े बेटे के नाम करने को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच 5 अगस्त को मारपीट की घटना हुई।

अस्पताल में भी मारपीट का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस उन्हें और परिवार के सदस्यों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर गई थी। वहां इलाज के दौरान भी विक्की दुबे ने उनके साथ मारपीट और थप्पड़ मारने की कोशिश की। रवि के मुताबिक, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाया। वहीं शिकायतकर्ता ने FIR दर्ज करने में देरी और मामला वापस लेने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।

इन धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने रवि कुमार शुक्ला की शिकायत के आधार पर विजय लक्ष्मी तिवारी, विक्की दुबे और वासु तिवारी के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मारपीट की घटना में किसकी क्या भूमिका थी और विवाद की पूरी सच्चाई क्या है।