SBI कियोस्क संचालक पर 1.07 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार
खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला, 29 हितग्राहियों के FD बॉन्ड और लैपटॉप जब्त

धमतरी। SBI कियोस्क के माध्यम से खाताधारकों के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी और गबन करने के मामले में भखारा पुलिस ने कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने लंबे समय के दौरान बैंक खाताधारकों के साथ वित्तीय अनियमितता करते हुए 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपये की राशि का गबन किया। आरोपी के कब्जे और कियोस्क सेंटर से लैपटॉप सहित 29 हितग्राहियों के फिक्स डिपॉजिट बॉन्ड पेपर जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, NICT Technologies Pvt. Ltd. धमतरी के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर (31) ने थाना भखारा में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी संस्था भारतीय स्टेट बैंक के अनुबंध के आधार पर कियोस्क यानी ग्राहक सेवा केंद्रों का संचालन कराती है। ग्राम कोरा के लिए आरोपी केशव राम साहू (40) को कियोस्क संचालक नियुक्त किया गया था।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच SBI खाताधारकों के साथ वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना की। पुलिस के अनुसार इस दौरान कुल 1,00,75,717 रुपये की राशि से संबंधित आपराधिक न्यासभंग का मामला सामने आया।
शिकायत के आधार पर थाना भखारा में अपराध क्रमांक 102/2026 दर्ज कर धारा 318(4), 338 और 336(3) बीएनएस के तहत जांच शुरू की गई।
कियोस्क से लैपटॉप और 29 FD बॉन्ड जब्त
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी केशव राम साहू की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर से लेनोवो कंपनी का एक लैपटॉप और 29 हितग्राहियों के फिक्स डिपॉजिट यानी FD बॉन्ड पेपर गवाहों की मौजूदगी में जब्त किए गए।
पुलिस के मुताबिक प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को 21 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। उसे कुरूद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आरोपी की पहचान केशव राम साहू, उम्र 40 वर्ष, पिता हेमलाल साहू, मूल निवासी देवकोट, थाना गुरूर, जिला बालोद और वर्तमान निवासी बोरिया खुर्द, अर्जुन विहार, रायपुर के रूप में बताई है।
धमतरी पुलिस ने बैंक और कियोस्क ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों की नियमित जांच करें। पासबुक, रसीद, FD और अन्य बैंक दस्तावेजों का मिलान करते रहें तथा किसी भी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी तत्काल पुलिस या संबंधित बैंक को दें।
