छत्तीसगढ़ की माटी की आवाज अब दुनिया के स्मार्ट स्पीकर पर, 5 देशों में एक साथ ग्लोबल लॉन्च
रेडियो संगवारी की Alexa Voice Skill का मुख्यमंत्री ने किया ग्लोबल शुभारंभ, 5 देशों में एक साथ हुई लाइव

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और छत्तीसगढ़ी भाषा को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ी डिजिटल उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के डिजिटल रेडियो प्लेटफॉर्म रेडियो संगवारी की Amazon Alexa Voice Skill का मुख्यमंत्री निवास में भव्य शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए इस अत्याधुनिक Voice AI सेवा को ग्लोबल स्तर पर लाइव किया। खास बात यह रही कि Skill एक साथ भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी में एक्टिवेट हुई।
कार्यक्रम के दौरान स्क्रीन पर लाइव डैशबोर्ड के माध्यम से पांचों देशों में Alexa Skill के एक साथ लाइव होने की प्रक्रिया दिखाई गई। इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज और वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणानिधि मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। रेडियो संगवारी की ओर से संस्थापक राहुल शर्मा और सहसंस्थापक डॉ. हेमंत सिरमौर सहित टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

रायपुर के युवाओं ने तैयार की तकनीक
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रेडियो संगवारी की Alexa Voice Skill को रायपुर की इन-हाउस तकनीकी टीम ने तैयार किया है। इसके लिए किसी बाहरी या विदेशी एजेंसी की सहायता नहीं ली गई। बीसेंट सर्विसेज की तकनीकी टीम ने Voice AI और स्मार्ट स्पीकर आधारित इस सेवा को विकसित किया।
इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखा जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्थानीय भाषा और संस्कृति को वैश्विक श्रोताओं तक पहुंचाने की यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए भी एक उदाहरण बनकर सामने आई है।
एक कमांड पर गूंजेगी छत्तीसगढ़ की आवाज
अब दुनिया के किसी भी हिस्से में मौजूद श्रोता Alexa से वॉइस कमांड देकर रेडियो संगवारी सुन सकेंगे। स्मार्ट स्पीकर या अन्य Alexa समर्थित डिवाइस पर Alexa, Open Radio Sangwari या संबंधित प्लेबैक कमांड बोलने के बाद रेडियो स्ट्रीम शुरू की जा सकेगी।
इसका मतलब है कि अमेरिका में बैठा छत्तीसगढ़ी परिवार हो या कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी में रहने वाला प्रवासी, अपनी मातृभूमि के लोकगीत, संगीत और संस्कृति से सीधे जुड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने टीम को दी बधाई
ग्लोबल लॉन्च के अवसर पर मुख्यमंत्री ने रेडियो संगवारी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाना सराहनीय कदम है। उन्होंने रायपुर के स्थानीय युवाओं द्वारा बिना बाहरी मदद के विकसित की गई Voice AI तकनीक को डिजिटल छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा, लोकगीत और सांस्कृतिक विरासत की आवाज अब दुनिया भर के स्मार्ट डिवाइस तक पहुंच सकेगी।
राजीव लोचन महाराज और गुणानिधि मिश्रा ने सराहा
कार्यक्रम में मौजूद गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज ने कहा कि जब तकनीक अपनी संस्कृति से जुड़ती है तो वह अपनी जड़ों को संरक्षित करने का प्रभावी माध्यम बन जाती है। रेडियो संगवारी ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकसंगीत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का काम किया है।
वहीं वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणानिधि मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने तकनीकी क्षमता के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित की है। पांच देशों में एक साथ Alexa Skill का लाइव होना प्रदेश के युवा तकनीकी नवप्रवर्तकों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को माटी से जोड़ने का प्रयास
रेडियो संगवारी के संस्थापक राहुल शर्मा ने कहा कि मंच का उद्देश्य छत्तीसगढ़ी भाषा, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुनिया भर में पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि Alexa Voice Skill का ग्लोबल लॉन्च इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उनके मुताबिक अब भारत के साथ अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी में रहने वाले छत्तीसगढ़ी लोग भी वॉइस कमांड के जरिए सीधे रेडियो संगवारी से जुड़ सकेंगे। इससे विदेशों में रहने वाली नई पीढ़ी को अपनी भाषा, लोकगीत और संस्कृति से जोड़ने में मदद मिलेगी।
कैसे काम करेगी Alexa Skill?
रेडियो संगवारी की Voice Skill Amazon के वॉइस क्लाउड और AI इंटरैक्शन सिस्टम पर आधारित है। Alexa समर्थित स्मार्ट स्पीकर, स्मार्टफोन और अन्य डिवाइस के जरिए श्रोता वॉइस कमांड देकर रेडियो स्ट्रीम सुन सकते हैं। इसके जरिए पारंपरिक रेडियो को स्मार्ट होम और Voice Technology के साथ जोड़ा गया है।
रेडियो संगवारी का दावा है कि वह भारत के उन स्वतंत्र डिजिटल ब्रॉडकास्ट प्लेटफॉर्म में शामिल हो गया है, जो स्मार्ट डिवाइस आधारित वैश्विक ऑडियंस तक सीधे पहुंच बना रहे हैं।
लोकगीतों से लेकर पंथी और पंडवानी तक
रेडियो संगवारी का फोकस केवल रेडियो स्ट्रीमिंग तक सीमित नहीं है। मंच छत्तीसगढ़ी लोक-संस्कृति और संगीत के संरक्षण पर भी काम कर रहा है। यहां सुवा, पंथी, पंडवानी, भरथरी के साथ हल्बी और गोंडी संगीत को भी स्थान दिया जाता है।
हमर भाखा, हमर गीत की थीम के साथ शुरू हुई यह डिजिटल पहल अब Voice Technology के जरिए वैश्विक स्तर पर पहुंच रही है। पांच देशों में एक साथ हुआ लॉन्च इस बात का संकेत है कि स्थानीय भाषा और संस्कृति को आधुनिक तकनीक के जरिए दुनिया तक पहुंचाने की संभावनाएं कितनी बड़ी हैं।
