FCI कर्मचारी पर हमला पड़ा भारी, शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। शासकीय कार्य में लगे भारतीय खाद्य निगम (FCI) के कर्मचारी के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों ने न केवल सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट की, बल्कि उसे डराने के लिए धारदार हथियार का भी इस्तेमाल किया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी अपराध दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को भारतीय खाद्य निगम में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत ध्रुव कुमार यादव चावल से भरी रैक को खाली कराने के शासकीय कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अभिषेक जाल उर्फ भालू और उसके साथी ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और दोनों आरोपियों ने कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। इस हमले में कर्मचारी घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए हाईटेक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद नरेश उत्तमराव कोटलवार की लिखित शिकायत पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 538/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर 7 अगस्त को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 24 वर्षीय अभिषेक जाल उर्फ भालू निवासी धमधा नाका, दुर्ग और 19 वर्षीय दुर्गेश महानंद निवासी कैलाश नगर, दुर्ग शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार भी जब्त कर लिया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी कार्य को रोकने के उद्देश्य से पहले विवाद किया, फिर कर्मचारी के साथ मारपीट की और भय पैदा करने के लिए हथियार लहराया। इस वजह से उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और हथियार के इस्तेमाल जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना तेजी से पूरी की गई और आरोपियों को कानून के मुताबिक गिरफ्तार किया गया।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि शासकीय कार्य में लगे कर्मचारियों का सहयोग करें। यदि कहीं भी कानून व्यवस्था से जुड़ी या किसी आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट या शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।