NHAI टोल कलेक्शन में कथित फर्जीवाड़ा, ED की 7 राज्यों में 14 ठिकानों पर छापेमारी
अब तक ₹1.03 करोड़ नकद समेत संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद

नई दिल्ली। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अलग-अलग टोल प्लाजा पर कथित टोल कलेक्शन फर्जीवाड़े की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के लखनऊ जोनल कार्यालय ने PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों और क्षेत्रों में 14 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के दौरान अब तक विभिन्न ठिकानों से ₹1.03 करोड़ नकद, संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है।
फर्जी रसीद बनाने वाले सॉफ्टवेयर का आरोप
जांच में कथित तौर पर ऐसे अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के इस्तेमाल का पता चला है, जिनके जरिए बिना अनुमति टोल रसीदें तैयार की जाती थीं। आरोप है कि टोल से प्राप्त रकम को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर भेजा जाता था। ED के अनुसार, फोरेंसिक जांच और NHAI से प्राप्त रिकॉर्ड में ऐसे सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। इसके बाद एजेंसी ने मामले से जुड़े संभावित ठिकानों की पहचान कर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।
यूपी समेत इन जगहों पर कार्रवाई
ED की कार्रवाई उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और कोलकाता में स्थित परिसरों में की गई। एजेंसी का फोकस टोल कलेक्शन में कथित अनियमितताओं से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने, संभावित लाभार्थियों की पहचान करने और अपराध से अर्जित रकम का पता लगाने पर है।
19 मई 2025 से शुरू हुई जांच
मामला दर्ज होने के बाद ED ने 19 मई 2025 से जांच शुरू की थी। अब तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य इस कथित टोल कलेक्शन नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाने में अहम हो सकते हैं।
