IPL सट्टा गिरोह पकड़ा, 6 गिरफ्तार, करोड़ों का नेटवर्क बेनकाब

IPL सट्टा गिरोह पकड़ा, 6 गिरफ्तार, करोड़ों का नेटवर्क बेनकाब

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान सक्रिय एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में मुख्य आरोपी समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से ऑनलाइन पैनलों के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध सट्टा चला रहा था।

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क में करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपये के ऑनलाइन लेन-देन की पुष्टि हुई है, जबकि जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत लगभग 2 करोड़ 46 लाख 400 रुपये आंकी गई है। जब्त सामग्री में मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड शामिल हैं। महासमुंद पुलिस ने रायपुर और बेमेतरा जिलों में एक साथ दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गेश डहरे उर्फ योगेश, ललित चावला, अंशु बग्गा, सौरभ जैन, विजय वर्मा और निशांत नागवानी शामिल हैं। सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों से नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह UNCLEBAT9, UNCLE777, Grand777, PowerExch, WazirExch, Classic7777, GrandExch और God777 जैसे ऑनलाइन पैनलों के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाता था। पूरा नेटवर्क 5 प्रमुख पैनल और 10 मास्टर लॉगिन के जरिए संचालित हो रहा था। इस मामले का खुलासा 8 अप्रैल 2026 को हुआ, जब महासमुंद थाना पुलिस ने घोड़ारी स्थित बाबा फैमिली ढाबा के पास छापेमारी कर 6 आरोपियों को ऑनलाइन सट्टा खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी उस समय “Power Ex” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे।

तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क की गहराई से जांच की। इसमें सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड “नितिन” नाम का व्यक्ति है, जो पूरे सट्टा नेटवर्क को कंट्रोल करता था। वही पैनल आईडी उपलब्ध कराता और पैसों का लेन-देन नियंत्रित करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे ताकि पकड़ से बच सकें। वे रायपुर और बेमेतरा समेत कई स्थानों से मोबाइल और लैपटॉप के जरिए सट्टा संचालन कर रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 22 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें 13 टच स्क्रीन और 9 कीपैड मोबाइल शामिल हैं। इसके साथ ही बैंक ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।