इस अभिनेत्री पर 11.5 करोड़ की ठगी का आरोप, अपराध दर्ज

इस  अभिनेत्री पर 11.5 करोड़ की ठगी का आरोप, अपराध दर्ज

मुंबई। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और उनके पति विवेक कुमार उर्फ अभिषेक कुमार सिंह चौहान पर 11 करोड़ 50 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इस मामले में पंतनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता हितेश कांतिलाल अजमेरा (कस्टम क्लियरेंस व्यवसाय) ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने फिल्म इंडस्ट्री में मजबूत कनेक्शन और बड़े मुनाफे का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपए की रकम ट्रांसफर करवा ली। शिकायत के अनुसार, अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी ने खुद को फिल्म इंडस्ट्री में प्रभावशाली बताते हुए अंधेरी (पश्चिम) स्थित अपने कथित स्टूडियो “AKS पाठशाला एंटरटेनमेंट” का दावा किया। बताया गया कि यहां भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग होती है और नए कलाकारों को ट्रेनिंग दी जाती है। आरोप है कि स्टूडियो के नाम पर पीड़ित को मालिकाना हक, शोहरत और 200 करोड़ रुपए का ब्याज-मुक्त लोन दिलाने का भरोसा दिलाया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि विवेक कुमार ने बिहार के बेतिया (पश्चिम चंपारण) में एक गोदाम में 300 करोड़ रुपए नकद फंसे होने की बात कही। आरोपियों ने दावा किया कि कानूनी अड़चन के कारण यह रकम बाहर नहीं निकाली जा सकती और उसे छुड़ाने के लिए निवेश चाहिए। इसके बदले चार दिन में 200 करोड़ रुपए बिना ब्याज लौटाने का वादा किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस आश्वासन पर अभिनेत्री ने भी स्वयं भरोसा दिलाया। पुलिस के अनुसार, मार्च से जुलाई 2024 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 11.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। भरोसा मजबूत करने के लिए पीड़ित को पटना ले जाकर कथित गोदाम से जुड़े दस्तावेज दिखाए गए। बेतिया जाने की योजना भी बनाई गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 5 जुलाई 2024 को बेतिया जाते वक्त विवेक कुमार मिठाई लेने के बहाने कार से उतरे और फिर लापता हो गए। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। कुछ दिनों तक आरोपियों ने बहाने बनाए, लेकिन फिर सभी संपर्क से गायब हो गए। पीड़ित ने बताया कि आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिससे शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई। अंततः 28 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, स्टूडियो की वास्तविकता, दिखाए गए दस्तावेज और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई है।