ईरान में आर्थिक संकट गहराया: रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर, महंगाई विस्फोटक; चौथे दिन भड़के बड़े विरोध प्रदर्शन

ईरान में आर्थिक संकट गहराया: रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर, महंगाई विस्फोटक; चौथे दिन भड़के बड़े विरोध प्रदर्शन

ईरान की अर्थव्यवस्था गहरे संकट में पहुंच गई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। एक डॉलर खरीदने के लिए लोगों को करीब 14 लाख रियाल खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे आयात बेहद महंगा हो गया है और महंगाई पर नियंत्रण टूट गया है।

पहले से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान पर क्षेत्रीय तनाव ने दबाव और बढ़ा दिया है। रोजमर्रा की जरूरतों के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं, जिसका असर सीधे आम जनता पर पड़ा है। लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिख रहा है। आर्थिक संकट और गिरती मुद्रा के बीच देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। यह प्रदर्शन अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और लगातार फैलता जा रहा है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को ब्लॉक कर दिया। राजधानी तेहरान में भी हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।

रिपोर्टों के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार के दुकानदारों से हुई, जो धीरे धीरे देशव्यापी विरोध में बदल गई। अब विश्वविद्यालयों में भी छात्र सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने निर्वासित शाह रजा पहलवी के समर्थन में भी नारेबाजी की। कई शहरों में झड़पों की खबरें सामने आई हैं। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ जगहों पर सरकारी इमारतों के बाहर भी तनाव बढ़ा और तोड़फोड़ की कोशिशें हुईं।