नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 869 बोतलें और 240 लीटर शराब जब्त, एक गिरफ्तार


रायगढ़। रायगढ़ जिले में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब बनाने और खपाने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके दो साथी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम धनागर निवासी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू बड़े पैमाने पर नकली और मिलावटी शराब तैयार कर बाजार में बेच रहा है। सूचना के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर कोतरारोड़ थाना, साइबर सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

जांच के लिए पुलिस ने पहले अपने एक प्वाइंटर को शराब खरीदने भेजा। आरोपी से खरीदे गए गोवा ब्रांड के दो पौव्वों के लेबल और होलोग्राम संदिग्ध पाए गए। आबकारी अधिकारियों ने शराब की गुणवत्ता जांची तो उसमें भी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद टीम ने आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी। तलाशी के दौरान घर परिसर में बने एक कोठे से भारी मात्रा में नकली शराब और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। मौके से रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, गोवा, गोल्डन गोवा, रिजर्व क्वार्टर और किंगफिशर बीयर जैसे नामी ब्रांडों की पैकिंग में बड़ी मात्रा में शराब मिली।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर नकली शराब तैयार करता था। आरोपियों द्वारा विभिन्न राज्यों से शराब लाकर उसमें स्प्रिट और अन्य पदार्थ मिलाए जाते थे। शराब का रंग और स्वरूप बनाए रखने के लिए चायपत्ती का भी उपयोग किया जाता था। इसके बाद पुरानी बोतलों को साफ कर उन पर नकली लेबल और होलोग्राम लगाकर दोबारा पैकिंग की जाती थी। पुलिस के अनुसार तैयार नकली शराब को कोचियों के माध्यम से असली शराब के साथ बाजार में खपाया जाता था। कार्रवाई के दौरान 869 नग नकली शराब, करीब 240 लीटर शराब, स्प्रिट के ड्रम, ढक्कन, खाली बोतलें और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारोबार से आरोपियों को लगभग 2.16 लाख रुपये का मुनाफा होता था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन की भी जांच कर रही है।
