भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत, 6 की मौत, मालिक के खिलाफ FIR और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
डीयू के साउथ कैंपस के पास हादसा, 11 लोगों को मलबे से निकाला गया; बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन की घनी आबादी वाली संकरी गली में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए सोमवार को भी राहत और बचाव अभियान जारी रहा।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
हादसा रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक इमारत में बेसमेंट और उसके ऊपर पांच मंजिलें थीं तथा इसे लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) आवास के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस को दोपहर करीब 1.34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शुरुआती रिपोर्टों में इमारत की उम्र करीब 30 साल बताई गई थी, लेकिन बाद की आधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों में इसे करीब 50 साल पुरानी संरचना बताया गया है। इसलिए खबर में 50 साल पुरानी इमारत लिखना अधिक सटीक रहेगा।
11 लोगों को निकाला गया, रातभर चला रेस्क्यू
इमारत के अचानक गिरने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 200 आपातकर्मी शुरुआती बचाव अभियान में लगाए गए थे और करीब 12 दमकल वाहन भी मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीमों ने मलबे को हटाकर एक-एक व्यक्ति की तलाश की। कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की सूचना मिलने पर ऑक्सीजन सिलेंडर भी मौके पर पहुंचाए गए। संकरी गली के कारण भारी बचाव वाहनों और मशीनरी को घटनास्थल तक पहुंचाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की।
पानी जमा होने और कमजोर नींव पर उठे सवाल
हादसे के बाद इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद बेसमेंट में पानी जमा हो गया था और इससे नींव कमजोर हो सकती थी। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इमारत गिरने की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की है। बेसमेंट में चल रहा काम और भवन की संरचनात्मक स्थिति जांच के दायरे में है।
मालिक के खिलाफ FIR, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
हादसे को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने कहा है कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भवन मालिक की पहचान कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सत्य निकेतन में PG और अवैध निर्माण पर सवाल
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास छात्रों के बीच लोकप्रिय इलाका है। यहां बड़ी संख्या में PG, छात्रावास और खाने-पीने की दुकानें संचालित होती हैं। हादसे के बाद इलाके में मौजूद अन्य बहुमंजिला इमारतों और छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली के महापौर ने चार से अधिक मंजिल वाली अवैध निर्माण वाली इमारतों को सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कॉलेजों में भी असर
हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में सोमवार को शिक्षण कार्य बंद रखा गया। प्रभावित छात्रों के लिए कॉलेज परिसर में अस्थायी व्यवस्था की गई। आर्यभट्ट कॉलेज ने भी शिक्षण कार्य स्थगित कर प्रभावित छात्रों को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान जारी है और हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। नोट: आपकी दी गई जानकारी में इमारत को 30 साल पुरानी बताया गया था, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में इसकी उम्र करीब 50 साल बताई गई है। इसी तरह अब तक 6 मौत और 11 लोगों के रेस्क्यू की पुष्टि हुई है।
