संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा गया, फर्जी दस्तावेजों से रहने का आरोप
2007 में भारत आने की पुलिस को मिली जानकारी, चोरी, आर्म्स एक्ट और आबकारी से जुड़े करीब 13 मामलों की भी जांच

रायपुर/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ में अवैध अप्रवासियों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बेमेतरा जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार उसकी पहचान बांग्लादेश के दिनाजपुर निवासी मो. मोकसादूल आलम के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक विशेष अभियान के दौरान संदिग्ध युवक से पूछताछ की गई। जांच में उसके वर्ष 2007 में भारत आने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि भारत आने के बाद उसने ओडिशा के संबलपुर में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और उन्हीं के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। पुलिस अब उसके दस्तावेजों की वास्तविकता, भारत में प्रवेश के तरीके और यहां रहने के दौरान उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में उसकी मदद किसने की और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
करीब 13 आपराधिक मामलों की जानकारी
पुलिस के अनुसार मो. मोकसादूल आलम के खिलाफ बेमेतरा, कबीरधाम और राजनांदगांव जिलों के अलग-अलग थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े करीब 13 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि वह कुछ दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। पुलिस का आरोप है कि वह कपड़ा और बर्तन बेचने के नाम पर राज्य के अलग-अलग जिलों के गांवों में घूमता था। इसी दौरान कथित रूप से क्षेत्रों की रेकी करता था। पुलिस अब इन आरोपों की भी जांच कर रही है कि क्या वह चोरी की घटनाओं में अन्य लोगों के साथ शामिल था।
पहले भी पकड़ा जा चुका है संदिग्ध नागरिक
बेमेतरा में करीब एक महीने पहले भी एक बांग्लादेशी नागरिक को कथित फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़े जाने के बाद पुलिस और प्रशासन ने बाहरी तथा संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच तेज की थी। फिलहाल मो. मोकसादूल आलम को रायपुर के होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। उसकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि के लिए संबंधित एजेंसियों से जानकारी जुटाई जा रही है। दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद ही उसके खिलाफ आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
