जंगल के रास्ते 32 गोवंश ओडिशा ले जा रहे थे, 3 आरोपी गिरफ्तार

मेचका पुलिस की कार्रवाई, बिना चारा-पानी लाठी-डंडों से हांकने का आरोप; सभी मवेशी सुरक्षित संरक्षण में

जंगल के रास्ते 32 गोवंश ओडिशा ले जा रहे थे, 3 आरोपी गिरफ्तार

धमतरी। जिले में गो-तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेचका पुलिस ने 32 गोवंश को मुक्त कराया है। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मवेशियों को कथित तौर पर बिना पर्याप्त चारा-पानी दिए और लाठी-डंडों से हांकते हुए जंगल के रास्ते ओडिशा के नवरंगपुर क्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय के निर्देश पर अवैध तस्करी और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

मुखबिर की सूचना पर जंगल में घेराबंदी

मेचका पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी संख्या में मवेशियों को ग्राम अरसीकन्हार से खालगढ़ मार्ग होते हुए नवरंगपुर, ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अरसीकन्हार-खालगढ़ मार्ग पर नहर से करीब 500 मीटर आगे जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, मौके पर तीन व्यक्ति बड़ी संख्या में मवेशियों को हांकते हुए मिले। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की और मौके से 32 गोवंश बरामद किए। सभी मवेशियों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में घनश्याम सेन (40), देवशरण (52) और ओंकार ठाकुर (32) को गिरफ्तार किया है। तीनों गरियाबंद जिले के निवासी बताए गए हैं।

32 गोवंश, कीमत करीब 82 हजार रुपये

पुलिस के अनुसार, बरामद गोवंश का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 82 हजार रुपये है।

  • गाय: 13, कीमत करीब 41 हजार रुपये
  • बछड़े: 6, कीमत करीब 19 हजार रुपये
  • छोटे बछिया/बछड़े: 12, कीमत करीब 11 हजार रुपये
  • बैल: 1, कीमत करीब 11 हजार रुपये

इन धाराओं में मामला दर्ज

मेचका थाने में अपराध क्रमांक 08/2026 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(d), भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।