भुजिया खरीदने के चक्कर में पकड़े गए तीनों संदिग्ध शूटर, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामला

ट्रेन में काटे बाल, बदले कपड़े, फिर भी RPF की नजरों से नहीं बच सके; नाबालिग की एक बात से खुल गया राज

भुजिया खरीदने के चक्कर में पकड़े गए तीनों संदिग्ध शूटर, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामला

मुंबई/कोटा। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में तीन संदिग्ध शूटर्स की गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी घटनाक्रम से कम नहीं है। पहचान छिपाने के लिए ट्रेन में बाल कटवाने और कपड़े बदलने के बावजूद आरोपी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से बच नहीं सके। कोटा रेलवे स्टेशन पर भुजिया खरीदने के दौरान एक नाबालिग संदिग्ध की गतिविधियों ने सुरक्षा बलों का ध्यान खींचा। इसके बाद हुई पूछताछ में उसके दो अन्य साथियों का भी पता चल गया। पुलिस की जांच में कथित साजिश, रेकी, हथियारों की व्यवस्था और विदेश भेजने का लालच देने जैसे कई गंभीर पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

भुजिया खरीदने के दौरान हुई पहचान

पुलिस को मुंबई से फरार संदिग्धों के संबंध में जानकारी और तस्वीरें मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल को सतर्क किया गया था। इसी दौरान कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर एक नाबालिग संदिग्ध खिड़की से वेंडर से भुजिया खरीद रहा था। सादे कपड़ों में तैनात RPF के जवानों ने उसे तस्वीरों के आधार पर पहचान लिया। संदेह होने पर जवान संबंधित कोच में पहुंचे और नाबालिग के पास बैठकर उससे पूछताछ शुरू की। जब उससे मुंबई से तीन लोगों के एक साथ ट्रेन में सवार होने के बारे में पूछा गया, तो वह घबरा गया। उसने बताया कि उसके दोनों साथी सो रहे हैं। इस जवाब से जवानों का संदेह और गहरा गया। इसके बाद नाबालिग ने अपने दोनों साथियों को जगाया। उनके उठते ही RPF जवानों ने तीनों को हिरासत में ले लिया। इस तरह ट्रेन में पहचान छिपाकर सफर कर रहे तीनों संदिग्ध सुरक्षा बलों की पकड़ में आ गए।

पहचान छिपाने के लिए काटे बाल, बदले कपड़े

जांच के अनुसार, फरारी के दौरान आरोपियों ने पहचान से बचने के लिए अपना हुलिया बदलने की कोशिश की थी। बताया गया कि रिहान और नाबालिग आरोपी के बाल लंबे थे। ट्रेन में ही दो आरोपियों ने बाल कटवाए और कपड़े बदल लिए। तीनों एक ही कोच में अलग-अलग सीटों पर बैठे थे। कोटा पहुंचने तक दो संदिग्ध ऊपर की सीट पर सो रहे थे। आरोपियों को उम्मीद थी कि बदले हुए हुलिए के कारण वे सुरक्षा बलों की नजरों से बच निकलेंगे, लेकिन मुंबई पुलिस से मिली तस्वीरों और RPF की सतर्कता ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया।

विदेश भेजने का लालच देकर हत्या की सुपारी देने का आरोप

पुलिस की जांच में कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित की भूमिका भी सामने आने की बात कही जा रही है। जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर रिहान को टाइगर श्रॉफ की हत्या की सुपारी दी थी। इसके बदले उसे विदेश भेजने का भरोसा भी दिया गया था। बताया गया है कि अनिल पंडित कैलिफोर्निया से वीडियो कॉल के माध्यम से आरोपियों को निर्देश देता था। वारदात के लिए हथियार उपलब्ध कराने और कथित तौर पर 2.50 लाख रुपये एडवांस देने की बात भी जांच में सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।

एक महीने से मुंबई में रहकर कर रहे थे रेकी

जांच के मुताबिक, आरोपियों में ऋतिक को टाइगर श्रॉफ की लोकेशन की रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। बताया गया कि संदिग्ध करीब एक महीने से मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए थे। उनके खर्च के लिए कथित तौर पर रोजाना 5,000 से 10,000 रुपये ऑनलाइन भेजे जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को सीधे नकदी उपलब्ध कराने के बजाय अलग-अलग दुकानदारों को ऑनलाइन भुगतान किया जाता था और बदले में उनसे नकद रुपये लिए जाते थे। आरोपियों के संपर्क में रहने और वारदात के दौरान निर्देश देने के लिए कथित तौर पर जंगी एप का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।

दिल्ली के रास्ते नेपाल भेजने की थी कथित योजना

वारदात के बाद आरोपियों को जल्द दिल्ली पहुंचाने और वहां से नेपाल भेजने की योजना होने का दावा किया गया है। पुलिस अब इस कथित साजिश के नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन, हथियारों की व्यवस्था और आरोपियों को निर्देश देने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। कथित साजिश किस स्तर पर तैयार की गई, हथियार कहां से आए, आरोपियों को किसने आर्थिक मदद दी और फरारी के दौरान उनकी सहायता किसने की, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। साथ ही, कथित मास्टरमाइंड और अन्य लोगों के बीच संपर्कों की भी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कोटा रेलवे स्टेशन पर RPF की सतर्कता से तीन संदिग्धों तक पहुंचने में सफलता मिली। अब मामले की अगली कड़ी में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही कथित साजिश की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।