धनतेरस आज, वाहन खरीदने के लिए दिनभर शुभ मुहूर्त, जानिए कार-बाइक खरीदने का उत्तम समय

सुबह से रात तक कई शुभ चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त, भगवान धन्वंतरि की पूजा कर लोग मांगेंगे सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद

धनतेरस आज, वाहन खरीदने के लिए दिनभर शुभ मुहूर्त, जानिए कार-बाइक खरीदने का उत्तम समय

भिलाई। देशभर में आज शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन और नए वाहन खरीदना शुभ होता है। यही वजह है कि इस दिन बाजारों में खरीदारी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है।

वाहन खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर यदि आप नई कार, बाइक या अन्य वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो 6 नवंबर को कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। मान्यता के अनुसार इन समयों में वाहन की बुकिंग और डिलीवरी कराई जा सकती है।

  • सुबह 7:54 से 9:17 बजे तक: लाभ चौघड़िया।

  • सुबह 9:16 से 10:38 बजे तक: अमृत चौघड़िया।

  • दोपहर 12:00 से 12:45 बजे तक: अभिजीत मुहूर्त।

  • दोपहर 4:11 से शाम 5:33 बजे तक: चर चौघड़िया।

  • शाम 6:03 से 7:19 बजे तक: शुभ मुहूर्त।

  • रात 8:49 से 10:27 बजे तक: लाभ मुहूर्त।

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा का महत्व

धनतेरस केवल धन-संपत्ति और खरीदारी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह पर्व अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु का संदेश भी देता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक और चिकित्सा का देवता माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा-अर्चना कर लोग परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करते हैं।

समुद्र मंथन से हुआ था भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया था। इसके लिए मंदराचल पर्वत को मथनी और भगवान विष्णु के कूर्म अवतार को आधार बनाया गया था। वासुकी नाग को रस्सी बनाकर क्षीरसागर का मंथन किया गया। समुद्र मंथन के दौरान कई दिव्य रत्नों के साथ ऐरावत हाथी, उच्चैःश्रवा घोड़ा और माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ। इसी दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए। उन्हें भगवान विष्णु का अंशावतार और आयुर्वेद का प्रवर्तक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य दिवस की स्मृति में ही धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से परिवार में आरोग्य, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। धनतेरस का पर्व हमें यह संदेश भी देता है कि जीवन में धन के साथ स्वास्थ्य का महत्व भी सर्वोपरि है।