सूर्यकांत तिवारी के मकान पर आयकर विभाग की कार्रवाई, जब्त संपत्ति का लिया कब्जा
सूर्या रेजिडेंसी के A-1 क्वार्टर में रहता था मनीष उपाध्याय, नोटिस के बाद पहले ही खाली कर दिया था मकान का सामान; पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई



भिलाई। कथित कोयला लेवी मामले में आरोपी कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से जुड़े भिलाई के एक मकान पर सोमवार को आयकर विभाग ने कार्रवाई की। सूर्या रेजिडेंसी, कोहका-जुनवानी स्थित क्वार्टर नंबर A-1 पर आयकर विभाग की टीम दोपहर करीब 12 बजे पहुंची और जब्त संपत्ति का कब्जा लेने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
आयकर विभाग द्वारा जारी दस्तावेज के अनुसार, यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 की धारा 29(2)(b) के तहत जब्त संपत्ति का कब्जा लेने से संबंधित थी। दस्तावेज में संपत्ति का पता A-1, सूर्या रेजिडेंसी, कोहका, भिलाई, जिला दुर्ग दर्ज है। संपत्ति का खसरा नंबर 2028/38 तथा क्षेत्रफल 0.02 हेक्टेयर यानी करीब 200 वर्गमीटर बताया गया है।
बताया गया कि इस मकान में मनीष उपाध्याय रहता था। कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद मकान में रखा सामान पहले ही खाली कर दिया गया था। इसके चलते सोमवार को जब आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो मकान के भीतर घरेलू सामान नहीं मिला। आयकर विभाग के अधिकारी की ओर से पहले ही सुपेला थाना प्रभारी को पत्र भेजकर 21 सितंबर को दोपहर 12 बजे पुलिस सहायता मांगी गई थी। इसके बाद सोमवार को आयकर विभाग रायपुर के अधिकारी रूद्र चंद्राकर के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ तहसीलदार टिकेश्वर साहू, स्मृतिनगर चौकी प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपत्ति का कब्जा अपने नियंत्रण में लिया।
कोयला लेवी मामले में आरोपी है सूर्यकांत तिवारी
सूर्यकांत तिवारी का नाम छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले में प्रमुख आरोपियों में आया है। ED के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर कथित तौर पर 25 रुपए प्रति टन की अवैध लेवी वसूले जाने के मामले की जांच की गई थी। ED ने इस कथित नेटवर्क से करीब 540 करोड़ रुपए के Proceeds of Crime का अनुमान लगाया है। यह जांच एजेंसी का आरोप और आकलन है, अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं। ED के रिकॉर्ड के अनुसार सूर्यकांत तिवारी को इस मामले में 29 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मामला ACB/EOW और DMF प्रकरणों तक भी पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2025 को उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। इसलिए वर्तमान में उन्हें कोयला लेवी मामले का आरोपी और जमानत पर बाहर के रूप में संदर्भित करना उचित होगा।
कौन हैं सूर्यकांत तिवारी?
सूर्यकांत तिवारी छत्तीसगढ़ के कारोबारी हैं, जिनका नाम कथित कोयला लेवी मामले में प्रमुख आरोपियों में सामने आया। ED के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर कथित रूप से 25 रुपए प्रति टन की अवैध वसूली के नेटवर्क की जांच के दौरान उनका नाम सामने आया। एजेंसी ने पूरे कथित नेटवर्क से करीब 540 करोड़ रुपए के अपराध से प्राप्त धन का अनुमान लगाया है। उन्हें 29 अक्टूबर 2022 को ED ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनका नाम ACB/EOW और DMF से जुड़े मामलों में भी सामने आया। 29 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वे जमानत पर बाहर हैं। संबंधित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
