शराब के दौरान विवाद में युवक की हत्या, जामुल पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

कुरूद में मारपीट के बाद ईंट और स्टील के गिलास से सिर-चेहरे पर किया वार, पूरन भारती की मौत; दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर

शराब के दौरान विवाद में युवक की हत्या, जामुल पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

भिलाई। ग्राम कुरूद में शराब सेवन के दौरान हुए आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद बढ़ने पर मारपीट के बाद पूरन भारती की हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही जामुल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल ईंट और स्टील का गिलास भी जब्त किया है।

पुलिस के अनुसार घटना 20 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे की है। राज जोशी ने थाना जामुल पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके मामा मनीष बघेल के दोस्त पूरन भारती को ईंट से मारकर घायल किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ग्राम कुरूद में ममता मेडिकल के पास स्थित मकान पहुंची। वहां पूरन भारती जमीन पर घायल अवस्था में मिला। घटनास्थल के आसपास ईंट पर खून के निशान भी मिले।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पुलिस के अनुसार सामने आया कि मनीष बघेल अपने दोस्त पूरन भारती को लेकर राज जोशी के मकान पर आया था। तीनों ने वहां शराब का सेवन किया। इसी दौरान बातचीत को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।

पुलिस के मुताबिक विवाद के दौरान पूरन भारती के साथ मारपीट की गई। इसके बाद राज जोशी ने ईंट और स्टील के गिलास से उसके सिर एवं चेहरे पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।

घटना के संबंध में थाना जामुल में अपराध क्रमांक 697/2026, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राज जोशी, उम्र 19 वर्ष, निवासी कुरूद और मनीष कुमार बघेल, उम्र 40 वर्ष, निवासी काशीडीह खोपली को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को 21 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे/घटना से संबंधित एक ईंट और एक स्टील का गिलास जब्त किया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक अथवा आपसी विवाद की स्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं। विवाद बढ़ने से पहले पुलिस को सूचना दें और कानून हाथ में लेने के बजाय वैधानिक माध्यम से शिकायत एवं सहायता प्राप्त करें।