मंदिर की टेंट व्यवस्था पर विवाद, व्यापारियों ने लगाया एकाधिकार का आरोप
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओपन टेंट व्यवस्था बहाल करने की मांग; कार्रवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी

भिलाई। खुर्सीपार के सेक्टर-11 स्थित सिद्ध श्री बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर में टेंट और सजावट व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। खुर्सीपार टेंट हाउस व्यापारी संघ और स्थानीय टेंट कारोबारियों ने मंदिर प्रबंधन पर एक निजी टेंट हाउस को कथित तौर पर काम का एकाधिकार देने का आरोप लगाया है। व्यापारियों ने मामले में दुर्ग कलेक्टर को शिकायत सौंपकर हस्तक्षेप और व्यवस्था की जांच की मांग की है।
व्यापारियों का आरोप है कि मंदिर परिसर के भवन और धर्मशाला में होने वाले विवाह, जन्मदिन सहित अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में टेंट और सजावट का काम बिना खुली एवं पारदर्शी प्रक्रिया के एक निजी टेंट हाउस को दिया जा रहा है। संघ का कहना है कि इससे कार्यक्रम आयोजित करने वाले लोगों के पास विकल्प सीमित हो जाएंगे और उन्हें संबंधित टेंट संचालक की दरों पर ही काम कराने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। टेंट व्यापारी संघ ने कहा कि यदि व्यवस्था इसी तरह जारी रही तो इसका सीधा असर खुर्सीपार के छोटे टेंट कारोबारियों पर पड़ेगा। इन कारोबारियों के साथ काम करने वाले मजदूरों और श्रमिकों की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका व्यापारियों ने जताई है।
व्यापारियों ने सार्वजनिक ट्रस्ट की संपत्ति के संचालन में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के पालन की मांग की है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि नगर निगम भिलाई के कुछ स्थानीय पार्षदों ने मंदिर परिसर की टेंट व्यवस्था में एकाधिकार का विरोध किया है। व्यापारी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर में पहले की तरह ओपन टेंट व्यवस्था बहाल की जाए। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को अपनी पसंद और बजट के अनुसार किसी भी स्थानीय टेंट व्यवसायी से सेवा लेने का विकल्प मिलना चाहिए। व्यापारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी, श्रमिक और उनके परिजन मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और आंदोलन शुरू करेंगे। अब प्रशासन की जांच और मंदिर प्रबंधन का पक्ष इस विवाद में महत्वपूर्ण होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में टेंट व्यापारी संघ के अध्यक्ष एन. श्रीनिवास रेड्डी, उपाध्यक्ष के. राजू, महासचिव कमल किशोर सिंघल, सचिव सुरेश रेड्डी सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे।
