नशे के कारोबार पर बड़ा एक्शन, बनवाली अग्रवाल 3 माह के लिए जेल में निरुद्ध

उतई क्षेत्र में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लगातार संलिप्तता का आरोप; 2015 से 2025 तक NDPS एक्ट के 4 प्रकरणों का रिकॉर्ड, दुर्ग संभाग आयुक्त ने जारी किया निरोध आदेश

नशे के कारोबार पर बड़ा एक्शन, बनवाली अग्रवाल 3 माह के लिए जेल में निरुद्ध

भिलाई। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दुर्ग पुलिस ने थाना उतई क्षेत्र के बनवाली अग्रवाल के खिलाफ PIT NDPS Act के तहत बड़ी कार्रवाई की है। मादक पदार्थों से जुड़े आपराधिक रिकॉर्ड और अवैध कारोबार में लगातार संलिप्तता के आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने उसे तीन माह के लिए निरुद्ध करने का आदेश जारी किया है। आदेश के परिपालन में उतई पुलिस ने बनवाली अग्रवाल को केंद्रीय जेल दुर्ग में दाखिल करा दिया है।

आदेश के अनुसार बनवाली अग्रवाल की गतिविधियों और उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई आवश्यक पाई गई। आयुक्त एवं निरुद्धकर्ता प्राधिकारी, दुर्ग संभाग, दुर्ग ने उपलब्ध दस्तावेजों, पुलिस प्रतिवेदन और अन्य अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद 24 अगस्त 2026 को यह आदेश जारी किया।

10 साल में NDPS के 4 प्रकरण

सक्षम प्राधिकारी के आदेश में उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों के अनुसार बनवाली अग्रवाल के खिलाफ वर्ष 2015 से 2025 के बीच NDPS एक्ट के चार प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख है। इनमें अपराध क्रमांक 173/2015, 108/2018, 282/2023 और 298/2025 शामिल हैं। सभी मामलों में धारा 20(ख) NDPS Act का उल्लेख किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अपराध क्रमांक 173/2015 के मामले में विशेष न्यायालय NDPS एक्ट दुर्ग ने 13 सितंबर 2017 को आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया था। वहीं अपराध क्रमांक 108/2018 और 282/2023 के संबंध में आदेश में आरोपी के दोषमुक्त होने का उल्लेख है। अपराध क्रमांक 298/2025 में विशेष न्यायालय NDPS एक्ट दुर्ग द्वारा 10 अक्टूबर 2025 को निर्णय पारित किए जाने का उल्लेख किया गया है।

जेल से बाहर आने के बाद भी गतिविधियां जारी रहने का उल्लेख

निरोध आदेश में कहा गया है कि पूर्व में जेल से रिहा होने के बाद भी आरोपी के मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्त रहने की जानकारी सामने आती रही। पुलिस प्रतिवेदन में उसकी गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात भी दर्ज की गई।

उपलब्ध दस्तावेजों, प्रतिवेदन और साक्षियों के कथनों का परीक्षण करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने माना कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उसके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई आवश्यक है।

गांजा सहित मादक पदार्थों के कारोबार का आरोप

पुलिस अभिलेख और निरोध आदेश के अनुसार आरोपी पर गांजा सहित मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और अवैध कारोबार में लगातार संलिप्त रहने का आरोप है। आदेश में उसके स्वयं तथा अन्य लोगों के माध्यम से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को संचालित करने की जानकारी का भी उल्लेख किया गया है।

कौन है बनवाली अग्रवाल?

नाम: बनवाली अग्रवाल
उम्र: 50 वर्ष
निवासी: हथखोज पारा, उतई, थाना उतई, जिला दुर्ग
कार्रवाई: PIT NDPS Act, 1988 की धारा 3(1)
आदेश दिनांक: 24 अगस्त 2026
निरोध अवधि: 3 माह
निरोध स्थान: केंद्रीय जेल दुर्ग

क्या है PIT NDPS कार्रवाई?

PIT NDPS यानी स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत की जाने वाली निरोधात्मक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लगातार सक्रिय व्यक्तियों की गतिविधियों पर रोक लगाना है।

10 साल का रिकॉर्ड बना कार्रवाई का आधार

बनवाली अग्रवाल के खिलाफ उपलब्ध रिकॉर्ड में वर्ष 2015 से 2025 तक मादक पदार्थों से जुड़े चार प्रकरणों का उल्लेख है। इसी आपराधिक पृष्ठभूमि और अवैध मादक पदार्थ कारोबार में लगातार संलिप्तता संबंधी पुलिस रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ PIT NDPS के तहत निरोध आदेश जारी किया गया।