मिलावट का बड़ा खेल, 2 हजार लीटर नकली दूध और 500 किलो दूषित पनीर नष्ट
खाद्य विभाग की छापेमारी में टीनौपाल और सोडियम हाइड्रोसल्फेट समेत कई केमिकल बरामद, 9 डेयरी सेंटरों से लिए गए सैंपल


मथुरा। छाता तहसील क्षेत्र के शेरगढ़ इलाके में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को मिलावटी दूध और दूषित पनीर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पनीर और दूध डेयरियों पर अचानक छापेमारी कर खाद्य विभाग की टीम ने 2 हजार लीटर मिलावटी दूध और 500 किलो दूषित पनीर बरामद किया। अधिकारियों ने बरामद मिलावटी खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने नौ अलग-अलग पनीर और डेयरी सेंटरों से खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी में मिले कई संदिग्ध केमिकल
ग्रामीण क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग की टीम को मौके से बड़ी मात्रा में ऐसे पदार्थ मिले, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने में किया जा रहा था। टीम ने मिल्क पाउडर, सोयाबीन रिफाइंड तेल, 80 किलो टीनौपाल पाउडर और 20 किलो सोडियम हाइड्रोसल्फेट पाउडर बरामद किया। इन पदार्थों की मौजूदगी ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। टीम अब यह भी जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल किस तरह और किन खाद्य पदार्थों को तैयार करने में किया जा रहा था।
लाखों रुपये का मिलावटी माल बरामद
कार्रवाई के दौरान बरामद 500 किलो दूषित पनीर की अनुमानित कीमत करीब 1.05 लाख रुपये बताई गई है। वहीं 2 हजार लीटर दूषित दूध की कीमत करीब 1.25 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह टीम ने करीब 2.30 लाख रुपये कीमत का दूषित दूध और पनीर बरामद किया। खाद्य विभाग ने दोनों खाद्य पदार्थों को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद नष्ट करा दिया।
पनीर और दूध के लिए गए सैंपल
अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान पनीर के दो और दूध के दो सैंपल जांच के लिए भेजे। इसके अलावा रिफाइंड पामोलिन पाउडर और सोयाबीन मिल्क पाउडर के भी एक-एक सैंपल लिए गए हैं। कुल मिलाकर नौ अलग-अलग सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की वास्तविक स्थिति और इस्तेमाल किए गए पदार्थों की पुष्टि हो सकेगी।
पुख्ता सूचना के बाद दो टीमों ने एक साथ मारा छापा
खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि छाता तहसील क्षेत्र के कुछ ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध और पनीर तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद विभाग ने दो अलग-अलग टीमें गठित कीं और दोनों टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मिलावटी सामान जब्त करने के साथ ही उसे मौके पर नष्ट कराया गया। वहीं संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा
त्योहारी सीजन से पहले खाद्य विभाग की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। दूध और पनीर की मांग बढ़ने के साथ मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही डेयरियों पर अचानक कार्रवाई कर विभाग ने साफ संकेत दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल सभी सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
