हरिओम टीएमटी प्लांट में वेल्डर की संदिग्ध मौत, परिजनों ने सुरक्षा में लापरवाही का लगाया आरोप
मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग, प्रबंधन ने बताया प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने से हुआ हादसा


भिलाई। जामुल थाना क्षेत्र के छावनी स्थित हरिओम टीएमटी प्लांट में बुधवार सुबह करंट लगने से 50 वर्षीय वेल्डर ब्रह्मदेव सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मुआवजे और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रबंधन का कहना है कि मृतक प्रतिबंधित क्षेत्र में चला गया था, जहां करंट लगने से हादसा हुआ।
कैम्प-1 अर्जुन नगर निवासी ब्रह्मदेव सिंह हरिओम टीएमटी प्लांट के मैकेनिकल विभाग में वेल्डर के रूप में कार्यरत थे। उनके भांजे चितरंजन सिंह के अनुसार, सुबह करीब 11.30 बजे हादसे की सूचना मिली। उनका आरोप है कि फैक्ट्री में कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम होते तो ब्रह्मदेव सिंह की जान बच सकती थी।

घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल, सुपेला भेजा गया। परिजनों ने बताया कि ब्रह्मदेव सिंह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनका बेटा पैरालिसिस से पीड़ित है और लंबे समय से बिस्तर पर है। ऐसे में परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले में फैक्ट्री के जीएम भगवानदास अग्रवाल से जानकारी लेने पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस मामले को देखने वाले अधिकारी से ही जानकारी ली जाए। वहीं जामुल थाना प्रभारी रामेन्द्र सिंह ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने पुलिस को बताया है कि जहां करंट लगा वह प्रतिबंधित क्षेत्र था और मृतक वहां पहुंच गया था, जिससे हादसा हुआ। हालांकि यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि क्षेत्र प्रतिबंधित और अत्यधिक संवेदनशील था तो वहां सुरक्षा गार्ड, बैरिकेडिंग या अन्य प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर ली है। थाना प्रभारी के अनुसार, सुरक्षा मानकों की जांच संबंधित विभाग द्वारा ऑडिट के माध्यम से की जाएगी। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम सहित आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
