बिजली दर वृद्धि के खिलाफ AAP का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, मीटर तोड़कर जताया विरोध
6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी वापस लेने की मांग, पार्टी ने स्मार्ट मीटर और बिजली बिलिंग पर भी उठाए सवाल



दुर्ग। आम आदमी पार्टी ने 1 जुलाई 2026 से लागू 6.23 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि के विरोध में बुधवार को दुर्ग कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से बिजली का मीटर तोड़कर सरकार के फैसले का विरोध जताया और बढ़ी हुई दर को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने कहा कि बिजली दरों में की गई यह बढ़ोतरी घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों, मजदूरों, कर्मचारियों और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन में अग्रणी राज्य होने के बावजूद लगातार बिजली महंगी होना सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाता है।

दुर्ग जिला कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगातार तीसरे वर्ष बिजली दरों में वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 में 8.35 प्रतिशत, 2025 में 1.89 प्रतिशत और 2026 में 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह तीन वर्षों में कुल वृद्धि 16.47 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बढ़ोतरी के बावजूद बिजली आपूर्ति, ट्रिपिंग की समस्या और उपभोक्ता सेवाओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेशों के अनुसार औसत बिलिंग दर 2024-25 में 6.92 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 2026-27 में 7.13 रुपये प्रति यूनिट हो गई है। उनका कहना है कि यदि बिजली कंपनी घाटे में है, तो उसके वास्तविक कारणों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। पार्टी नेता मेहरबान सिंह ने सरकार से बिजली वितरण में तकनीकी एवं वाणिज्यिक नुकसान, बड़े बकायेदारों से वसूली, बिजली चोरी रोकने के प्रयास और वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

वैशाली नगर संगठन मंत्री बलविंदर सिंह ने स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिक बिल, रीडिंग में गड़बड़ी और बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र तृतीय-पक्ष तकनीकी जांच कराने और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि 6.23 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए, बिजली कंपनी के वित्तीय घाटे की स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, बड़े बकायेदारों से वसूली सुनिश्चित की जाए, स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाए तथा विवादित बिजली बिलों की पुनर्गणना कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।