DNA से तकनीकी साक्ष्य तक... पॉक्सो केस में मृत्युदंड दिलाने वाली पुलिस टीम सम्मानित


दुर्ग। गंभीर पॉक्सो और हत्या के मामले में वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना कर आरोपी को मृत्युदंड दिलाने वाली दुर्ग पुलिस की टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सम्मानित किया। टीम ने मामले की जांच में DNA, FSL, चिकित्सकीय और तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र कर न्यायालय के समक्ष प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया था।
विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग ने प्रकरण में आरोपी सोमेश यादव को दोषसिद्ध करते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है। पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ाया गया, जिससे अभियोजन पक्ष को न्यायालय के समक्ष मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने में मदद मिली।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने विवेचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने गंभीर अपराधों की जांच में टीमवर्क, वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य आधारित पुलिसिंग के महत्व पर जोर दिया।
सम्मानित पुलिस टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद्मश्री तंवर, निरीक्षक शिवप्रसाद चन्द्रा, निरीक्षक श्रद्धा पाठक, उप निरीक्षक चेतन चन्द्राकर, उप निरीक्षक पारस ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक राजेन्द्र देशमुख, सहायक उप निरीक्षक संगीता मिश्रा तथा एसीसीयू दुर्ग के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और उप पुलिस अधीक्षक हेडक्वार्टर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दुर्ग पुलिस ने कहा कि गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य के समन्वित संकलन और प्रभावी विवेचना को प्राथमिकता देकर आरोपियों के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
