दुर्ग में 201 स्कूल बसों की जांच, 12 बसों पर चालान, 41 चालकों में बीपी-शुगर की शिकायत

यातायात पुलिस और परिवहन विभाग का संयुक्त जांच शिविर, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार हुई कार्रवाई

दुर्ग में 201 स्कूल बसों की जांच, 12 बसों पर चालान, 41 चालकों में बीपी-शुगर की शिकायत

भिलाई। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दुर्ग यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने रविवार को सेक्टर-6 स्थित पुलिस ग्राउंड में स्कूल बस जांच शिविर आयोजित किया। शिविर में जिले के 16 शैक्षणिक संस्थानों की 201 स्कूल बसों की जांच की गई। जांच के दौरान 12 बसों में खामियां मिलने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया और कमियां दूर करने के बाद ही बसों के संचालन के निर्देश दिए गए।

जांच के दौरान बसों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), रोड टैक्स और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की गई। साथ ही बसों की मैकेनिकल फिटनेस में हेडलाइट, ब्रेक, इंडिकेटर, टायर, स्टीयरिंग, हॉर्न, वाइपर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई।

सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित मानकों के अनुसार बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, इमरजेंसी एग्जिट, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, स्कूल का नाम और आवश्यक सूचना अंकित होने की भी जांच की गई।

शिविर के दौरान चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। जांच में 41 चालकों में बीपी और शुगर संबंधी शिकायत पाई गई, जिन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई।

यातायात पुलिस ने बताया कि जो स्कूल बसें जांच शिविर में नहीं पहुंचीं, उनकी जांच संबंधित स्कूलों में जाकर की जाएगी। इस संयुक्त अभियान में यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और जिला अस्पताल दुर्ग की मेडिकल टीम ने भाग लिया।