नेहरू नगर में निगम का बुलडोजर एक्शन, 4 अवैध प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल तोड़कर सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त
हाईटेक हॉस्पिटल के पास मॉडल टाउन में चल रही थीं अवैध दुकानें, शिकायत सही मिलने पर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर में अवैध अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को नेहरू नगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने हाईटेक हॉस्पिटल के समीप मॉडल टाउन में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई चार प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल को जेसीबी से ध्वस्त कर कब्जा मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर शहर के सभी जोन क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण, बिना अनुमति किए गए निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जोन-1 अंतर्गत नेहरू नगर स्थित मॉडल टाउन क्षेत्र में सरकारी भूमि पर प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल बनाकर दुकानों का संचालन किए जाने की शिकायत निगम को प्राप्त हुई थी।

शिकायत मिलने के बाद वार्ड प्रभारी द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर निगम प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके बाद राजस्व विभाग, बेदखली दस्ता और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन की मदद से एक-एक कर चारों अवैध प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल को ध्वस्त किया गया और सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। निगम अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है। शहर में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के कारण न केवल शासकीय संपत्ति प्रभावित होती है, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं में भी बाधा उत्पन्न होती है। इसी वजह से निगम प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रख रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भिलाई शहर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, बिना अनुमति निर्माण और अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा न करें और ऐसी गतिविधियों की जानकारी निगम प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
