रेलवे के लोको शेड से यार्ड तक छाया हरेली का रंग, उपकरणों की पूजा के साथ छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत की धूम




भिलाई। बीएमवाय चरोदा में रेलवे के कार्यस्थल बुधवार को छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपरा के रंग में रंगे नजर आए। छत्तीसगढ़िया रेलवे कर्मचारी-अधिकारी संगठन के आह्वान पर रेलवे के अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों ने हरेली पर्व मनाया। लोकपायलट-ट्रेनमैनेजर लॉबी से लेकर पीपी यार्ड, रिसेप्शन यार्ड, एक्सचेंज यार्ड और लोको शेड तक कर्मचारियों ने अपने काम से जुड़े उपकरणों की पूजा कर परंपरा निभाई।
कर्मचारियों ने कृषि उपकरणों के साथ रेलवे में इस्तेमाल होने वाले औजारों और कार्य उपकरणों की भी विधिवत पूजा की। पूजा के बाद विभिन्न कार्यस्थलों पर छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोकगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के बीच कर्मचारियों ने हरेली की खुशियां साझा कीं। हरेली पर कृषि उपकरणों की पूजा करने की परंपरा रही है। रेलवे कर्मचारियों ने इसी परंपरा को अपने कार्यस्थल तक पहुंचाते हुए अपने-अपने विभाग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पूजा की। आयोजन का उद्देश्य कामकाजी माहौल के बीच छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखना भी रहा। इस दौरान लोकगायिका मालती निषाद और उनकी टीम ने मानस गान और छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति दी। गीत-संगीत के बीच कर्मचारियों ने उत्साह के साथ पर्व मनाया। हरेली के साथ ही संगठन ने अगले बड़े आयोजन की तैयारी भी शुरू कर दी है। दुर्ग जिला छत्तीसगढ़िया महिला संगठन के साथ मिलकर 6 सितंबर को चरोदा में भव्य तीजा मिलन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। आयोजकों के मुताबिक इस आयोजन में रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी और उनके परिवार शामिल होंगे। तीजा मिलन को छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और आपसी मेलजोल का बड़ा मंच बनाने की तैयारी है। हरेली कार्यक्रम में कर्मचारी संगठनों से जुड़े कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें मजदूर कांग्रेस सचिव मनोज सिंहा, अर्बन बैंक डायरेक्टर मिलाप साहू, एससी-एसटी एसोसिएशन मंडल सचिव योगेश मिहौलिया, मजदूर संघ मंडल अध्यक्ष सूरज देवांगन, बीएमवाय अध्यक्ष मनोज वर्मा, मंडल अध्यक्ष तीजराम वर्मा, सचिव हितेंद्र बेलचंदन और प्रभारी संदीप साहू सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
6 सितंबर को दिखेगा बड़ा सांस्कृतिक रंग
हरेली के आयोजन के बाद अब चरोदा में होने वाले तीजा मिलन समारोह की तैयारियां तेज होंगी। आयोजकों ने इसे पिछले वर्षों की तरह इस बार भी भव्य रूप देने की तैयारी की है। अलग-अलग विभागों में मनाई गई हरेली के बाद 6 सितंबर को सभी विभागों के कर्मचारियों के एक मंच पर जुटने की तस्वीर देखने को मिलेगी।
