दुर्ग जिले में हीट वेव अलर्ट जारी, दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

दुर्ग। बढ़ते तापमान और हीट वेव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग द्वारा जारी प्रेस-विज्ञप्ति में बताया गया है कि अप्रैल से जून के बीच भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना रहती है, जिससे जनस्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, हर वर्ष इस अवधि में तापमान में लगातार वृद्धि देखी जाती है और लू के कारण सभी आयु वर्ग के लोग प्रभावित होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।

लू के प्रमुख लक्षण
बेहोशी, मांसपेशियों में जकड़न, दौरे पड़ना, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, चक्कर आना और सांस या दिल की धड़कन तेज होना इसके प्रमुख संकेत हैं।
क्या करें
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। बाहर जाते समय पानी साथ रखें। ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ और लस्सी जैसे पेय का सेवन करें। तरबूज, खीरा, संतरा जैसे पानी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।

धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करें और यथासंभव छांव में रहें। दिन के समय खिड़कियां और पर्दे बंद रखें तथा रात में ठंडी हवा के लिए उन्हें खोल दें। बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
क्या न करें
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। इस दौरान भारी काम या ज्यादा शारीरिक गतिविधि न करें। ज्यादा गर्मी में खाना पकाने से भी बचने की सलाह दी गई है।
शराब, चाय, कॉफी और अधिक शक्कर वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं। बासी भोजन से परहेज करें और बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में न छोड़ें, क्योंकि अंदर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। जिले में मितानिन और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

