स्कॉर्पियो बेचकर लाखों की ठगी, जातिसूचक गाली देने वाला आरोपी गिरफ्तार
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की राजपुर पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन बिक्री में धोखाधड़ी, चेक बाउंस और एससी/एसटी एक्ट के मामले में फरार आरोपी संतोष सोनी को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई धोखाधड़ी के मामले लंबित हैं।

बलरामपुर-रामानुजगंज। स्कॉर्पियो वाहन बेचने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी, चेक बाउंस और जातिसूचक गाली-गलौज के मामले में फरार चल रहे आरोपी को राजपुर पुलिस ने अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से झारखंड और छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी राकेश प्रसाद, जो राजपुर वन परिक्षेत्र में बीट गार्ड के पद पर कार्यरत हैं, ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2023 में आरोपी संतोष सोनी ने अपनी पुरानी स्कॉर्पियो वाहन बेचने का सौदा 4 लाख 25 हजार रुपये में किया था। शिकायत के मुताबिक प्रार्थी ने 2 लाख 4 हजार रुपये नकद दिए, जबकि शेष 2 लाख 21 हजार रुपये के भुगतान के लिए आरोपी ने यूनियन बैंक का चेक दिया। जब चेक बैंक में लगाया गया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी लगातार भुगतान टालता रहा। प्रार्थी का आरोप है कि 12 मई 2026 को जब वह अपने साथी के साथ पैसे मांगने आरोपी की दुकान पहुंचा, तब आरोपी ने कथित रूप से जातिसूचक गालियां दीं और धमकी देते हुए कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस शिकायत के आधार पर थाना राजपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान आरोपी मोबाइल बंद कर झारखंड और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में छिपकर रह रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस को उसके अंबिकापुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 31 जुलाई 2026 की रात आरोपी संतोष सोनी (38 वर्ष), निवासी नवकी (सरनापारा), थाना राजपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों को सामान देने या वाहन बेचने का झांसा देकर रुपये लेता था और बाद में बिना पर्याप्त राशि वाले खाते के चेक देकर भुगतान से बचने की कोशिश करता था। आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। उसके विरुद्ध बलरामपुर न्यायालय से वारंट भी जारी था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।