हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बंगाली नववर्ष पोइला बोइशाख, संगीत और स्वाद का दिखा अनोखा संगम

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बंगाली नववर्ष पोइला बोइशाख, संगीत और स्वाद का दिखा अनोखा संगम

भिलाई। बंगाली समुदाय के लोगों ने बुधवार को को पोइला बोइशाख बंगाली नववर्ष धूमधाम से मनाया गया। भिलाई बंगाली समाज द्वारा ओपन एयर थियेटर सिविक सेंटर भिलाई में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सैकड़ों की संख्या में लोग अपने परिवार के साथ उपस्थिति दर्ज कराते हुए नए-पुराने गीतों के साथ बंगाली नववर्ष का सेलिब्रेशन किए। इस दौरान कैलेंडर का भी वितरण किया गया। आयोजन में करीब 4 हजार लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को बंगाली कैलेंडर का भी वितरण किया गया।

कार्यक्रम की शुरूआत भिलाई बंगाली समाज के संरक्षक मानव सेन, अध्यक्ष सुप्रोभात पाल, पूर्व अध्यक्ष डीके दत्ता व अन्य पदाधिकारियों द्वारा मां सरस्वती देवी की पूजा अर्चना कर की गई। ओपन एयर थियेटर में आयोजित कार्यक्रम में सुपर सिंगर सीजन-3 के विजेता, सारेगामापा फेम प्लेबैक सिंगर प्रणय मजूमदार ने अपने टीम के साथ सुमधुर नए व पुराने हिंदी और बांग्ला गीतों की प्रस्तुति दी। एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से गायक प्रणय ने अपने सुमधुर आवाज से लोगों का दिल जीता। लोग एक-दूसरे को नए साल की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए जश्न मनाया। मंच संचालन राजदीप सेन ने किया।

लगाई गई थी लीजेंड ऑफ बंगाल की गैलरी

आयोजन स्थल पर बंगाल के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी लीजेंड ऑफ बंगाल नाम से एक गैलरी भी बनाई गई थी। इसमें अपने कर्म, साहस, भक्ति, त्याग एवं तेज से बंगाल व देश को गौरवशाली बनाने वाले लोगों की जीवन परिचय प्रदर्शित की गई थी। इसमें चैतन्य महाप्रभु, रानी रासमणी, ईश्वर चन्द्र विद्यासागर, राजा राम मोहन राय, रबिन्द्र नाथ ठाकुर, रामकृष्ण परमहंस, सर आशुतोष मुखर्जी, राजेन्द्र नाथ मुखर्जी, शरत चन्द्र चट्‌टोपाध्याय, जगदीश चन्द्र बोस, स्वामी विवेकानंद, मन्ना डे, सत्यजीत रे, मृणाल सेन आदी की जीवन परिचय को दर्शाया गया। 

संगीत संग स्वाद का संगम

बंगाली नववर्ष के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति और स्वाद का अनोखा संगम देखने को मिला। आयोजन स्थल पर विभिन्न फूड स्टॉल लगाए गए थे, जहां बंगाली मिठाइयों के साथ-साथ कई पारंपरिक व्यंजन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने एक ओर जहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगीत का आनंद लिया, वहीं स्वादिष्ट व्यंजनों का भी जमकर लुत्फ उठाया। लंबे समय बाद मिले पुराने दोस्तों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला और माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। महिलाओं ने भी इस अवसर पर खुलकर गपशप की और एक-दूसरे के साथ समय बिताया। कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल परंपरा से जुड़ने का माध्यम बना, बल्कि लोगों के बीच आपसी मेलजोल और खुशी का भी कारण रहा।