जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सुनाई उम्रकैद

19 साल पुराने केस में ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा, हत्या और साजिश का दोषी करार

जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सुनाई उम्रकैद

बिलासपुर से बड़ी खबर सामने आई है। बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने Amit Jogi को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि एक ही साक्ष्य के आधार पर कुछ आरोपियों को सजा देना और मुख्य आरोपी को बरी करना न्यायसंगत नहीं था। इसी आधार पर कोर्ट ने 2007 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को पलट दिया। यह मामला साल 2003 का है, जब 4 जून को एनसीपी नेता Ramavatar Jaggi की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में कुल 31 आरोपी बनाए गए थे। बाद में कुछ आरोपी सरकारी गवाह बन गए, जबकि बाकी को सजा सुनाई गई थी।

हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में Amit Jogi को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ जग्गी के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। इस फैसले का राजनीतिक असर भी देखा जा रहा है, क्योंकि Amit Jogi, पूर्व मुख्यमंत्री Ajit Jogi के पुत्र हैं और जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। अब इस फैसले के बाद अगला कदम सुप्रीम कोर्ट में अपील हो सकता है। पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।