लंबित मामलों पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों को एक सप्ताह में जनशिकायतें निपटाने के निर्देश
हाईकोर्ट में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करें अधिकारी, 90 दिन और एक साल से लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी









दुर्ग, 13 अक्टूबर। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों में संबंधित विभाग समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। वहीं, 90 दिन और एक साल से लंबित जनशिकायतों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट के मामलों में समय पर जवाबदावा जरूरी
कलेक्टर ने कहा कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों के लिए विभागों द्वारा नियुक्त प्रभारी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में जवाबदावा प्रस्तुत करें। जिन मामलों का निराकरण हो चुका है, उनकी जानकारी कलेक्टोरेट की सांख्यिकीय ज्यूडिशियल शाखा से प्राप्त कर संबंधित फाइल प्रस्तुत की जाए, ताकि ऐसे प्रकरणों को लंबित सूची से हटाने की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निराकृत प्रकरणों की फाइलें नियमानुसार प्रस्तुत कर रिकॉर्ड को अद्यतन रखें।
जनशिकायतों पर एक सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन, पीजी और ई-समाधान पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की। लंबे समय से शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से परीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
ई-ऑफिस और ऑनलाइन अवकाश प्रक्रिया पर जोर
कलेक्टर ने ई-ऑफिस के तहत निराकृत फाइलों को पार्क करने के निर्देश दिए। साथ ही ईएचआरएमएस के अंतर्गत सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों का अनबोर्डिंग पूरा कराने और विभागों में अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया ऑनलाइन करने को कहा।
किसानों को समय पर मिले मुआवजा
बैठक में पावर ग्रिड परियोजना से प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि स्वीकृत मुआवजा राशि का वितरण समय पर सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्थिति में स्वीकृत राशि अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। इसके अलावा वय वंदन योजना, छात्रवृत्ति आवेदनों और धान खरीदी के लिए उपलब्ध बारदानों की स्थिति की समीक्षा की गई। आगामी स्थानीय एवं नगरीय निकाय चुनावों के मद्देनजर विभागों को निर्धारित गूगल शीट में कर्मचारियों का डेटा दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एडीएम विरेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ बी.के. दुबे, दुर्ग नगर निगम आयुक्त लीना कोसम, भिलाई नगर निगम आयुक्त सुरुचि सिंह, रिसाली नगर निगम आयुक्त मोनिका वर्मा, भिलाई-चरोदा नगर निगम आयुक्त डी. राजपूत सहित सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के सीईओ और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
