डायल-112 अब और हाईटेक, दुर्ग पुलिस को मिले 39 नए वाहन

मंत्री गजेंद्र यादव ने दिखाई हरी झंडी, Emergency Response सिस्टम होगा और तेज

डायल-112 अब और हाईटेक, दुर्ग पुलिस को मिले 39 नए वाहन

भिलाई। दुर्ग जिले में आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06 भिलाई में आयोजित कार्यक्रम में डायल-112 Phase-2 Next Gen सेवा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान दुर्ग पुलिस को 35 अत्याधुनिक Emergency Response Vehicles (ERV) और 4 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन सौंपे गए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री Gajendra Yadav ने नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और नई तकनीक आधारित डायल-112 सेवा से आम लोगों को पहले से अधिक तेज और प्रभावी सहायता मिल सकेगी।

मंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना, अपराध या अन्य आपात स्थिति में अब पुलिस की प्रतिक्रिया और तेज होगी। उन्होंने Phase-2 परियोजना को आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में अहम पहल बताया।

इस मौके पर दुर्ग ग्रामीण विधायक Lalit Chandrakar ने कहा कि डायल-112 पहले ही लोगों के लिए भरोसेमंद सेवा बन चुकी है। नए वाहनों और तकनीक के जुड़ने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पुलिस सहायता व्यवस्था और मजबूत होगी।

दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि नई परियोजना से पुलिसिंग अधिक तकनीकी और रिस्पांस आधारित बनेगी। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Vijay Agrawal ने जानकारी दी कि जिले को मिले सभी वाहन अलग-अलग थाना क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों में तैनात किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इन वाहनों में GPS, PTZ कैमरा, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे घटनास्थल तक तेजी से पहुंचना और बेहतर मॉनिटरिंग संभव होगी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, महापौर नीरज पाल, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने किया, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा नोडल अधिकारी के रूप में उपस्थित रहे।

दुर्ग पुलिस के अनुसार, डायल-112 Phase-2 परियोजना के लागू होने से जिले में आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा और नागरिकों को पहले से अधिक त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।