संस्कार, शिक्षा और मातृत्व के सम्मान का अनूठा संगम, बच्चों ने माताओं को दिए उपहार




भिलाई। खुर्सीपार स्थित समाज भवन, श्री बालकनाथ मंदिर में रविवार को आयोजित “मातृ वंदन प्रेरणा महोत्सव–2026” भावनाओं, संस्कारों और सम्मान का अद्भुत संगम बन गया। श्री नीलकंठेश्वर चैतन्य सेवा समिति, भिलाई द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में माताओं को केंद्र में रखकर समाज को एक मजबूत संदेश दिया गया कि माँ का सम्मान ही समाज की असली शक्ति है।

महासचिव के जयशंकर ने बताया कि कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि समाज के बच्चों ने अपनी माताओं को स्वयं उपहार भेंट कर उनके प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। इस भावुक पल ने पूरे सभागार को भावनाओं से भर दिया। बच्चों और माताओं के बीच स्नेह और अपनत्व का यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए यादगार बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भारत माता वंदन के साथ हुई। इसके बाद समाज की वरिष्ठ माताओं का सम्मान कर उनके योगदान को नमन किया गया। आयोजन में मातृत्व, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को विशेष महत्व दिया गया।

मुख्य अतिथि श्रीमती बी. पोलम्मा ने अपने संबोधन में कहा कि माँ केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार, शिक्षा और अनुशासन का बीजारोपण माँ ही करती है, इसलिए समाज में माताओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम के दौरान एक प्रेरणादायक क्षण तब आया जब के. देवाशीष को NIT रायपुर के Information & Technology Branch में प्रवेश मिलने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। श्रीमती बी. पोलम्मा ने उन्हें मोमेंटो प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। देवाशीष, के. जयप्रकाश एवं के. मोहनी के पुत्र हैं। समिति ने बताया कि इस सम्मान का उद्देश्य समाज के अन्य बच्चों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित करना है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। श्रीमती बी. मीना और श्रीमती एम. पदमा ने अपनी मधुर गायिकी से वातावरण को भक्तिमय और भावुक बना दिया, वहीं मास्टर्स एम. दिनेश की प्रस्तुति को भी खूब सराहना मिली। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
पूरे आयोजन के दौरान मातृत्व, शिक्षा और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि “मातृ वंदन प्रेरणा महोत्सव” का उद्देश्य समाज में माताओं के सम्मान, संस्कारों की मजबूती, शिक्षा के महत्व और आपसी एकता को बढ़ावा देना है।
