हरे कृष्ण मंदिर में मनाई गई गौरा पूर्णिमा और होली महोत्सव, भक्तों ने फूलों और रंगों के साथ मनाया उत्सव








भिलाई। हरे कृष्ण मूवमेंट के श्री श्री राधा कृष्ण चंद्र मंदिर में 3 मार्च को गौरा पूर्णिमा और होली महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यह दिन भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने करीब 540 वर्ष पहले संकीर्तन आंदोलन की शुरुआत की थी। गौड़ीय वैष्णव परंपरा में इसे नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है।

मंदिर में कार्यक्रम की शुरुआत शाम को श्री श्री निताई गौरांग की आरती से हुई। इसके बाद भगवान का भव्य अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान दूध, दही, घी, शहद, गुड़ जल, फलों के रस और सात पवित्र नदियों के जल से 108 कलशों द्वारा भगवान का स्नान कराया गया। इस दौरान विशेष आरती और भजन भी किए गए।

अभिषेक के बाद भगवान को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इसके बाद फूलों से सजी पालकी में श्री श्री निताई गौरांग की शोभायात्रा मंदिर परिसर में निकाली गई। इस दौरान भक्तों ने संकीर्तन करते हुए हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन किया और पूरा वातावरण भक्ति में डूब गया।
शोभायात्रा के साथ ही मंदिर परिसर में फूलों और रंगों के साथ होली उत्सव भी मनाया गया। भगवान पर रंग-बिरंगे फूल अर्पित किए गए और श्रद्धालु भजन-कीर्तन के बीच नृत्य करते हुए उत्सव में शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति व उत्साह के साथ पर्व का आनंद लिया।