नशे के कारोबार का फरार आरोपी ऋषि बाबा गिरफ्तार, पहले पकड़े जा चुके हैं 10 आरोपी

खुर्सीपार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबोचा, अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त; एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

नशे के कारोबार का फरार आरोपी ऋषि बाबा गिरफ्तार, पहले पकड़े जा चुके हैं 10 आरोपी

भिलाई। दुर्ग जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में खुर्सीपार पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी ऋषि देव कुमार साहनी उर्फ ऋषि बाबा (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 431/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 78 के अंतर्गत मामला दर्ज है। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। वहीं, मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही थी।

मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी

विवेचना के दौरान खुर्सीपार पुलिस टीम फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी। इसी बीच 31 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने ऋषि देव कुमार साहनी उर्फ ऋषि बाबा को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच में प्रकरण से उसकी संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

मोबाइल फोन भी किया गया जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना के दौरान आरोपी की भूमिका और अन्य आरोपियों से उसके संपर्कों से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

गिरफ्तार आरोपी बालाजी नगर, खुर्सीपार का निवासी है। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि पुलिस शेष आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण केंवट एवं खुर्सीपार थाना पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि आसपास नशीले पदार्थों की खरीदी-बिक्री या अवैध कारोबार की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाने अथवा डायल 112 पर सूचना दें। पुलिस ने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।