भिलाईनगर कालाबाड़ी में सजी संस्कृतिक संध्या, समधुर गीतों से ठाकर को दी गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर को श्रद्धांजिल




भिलाई नगर कालीबाड़ी, सेक्टर-6,भिलाई के परिसर में शनिवार, 09 मई की शाम गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की 165वीं जयंती श्रद्धा, संगीत और संस्कृति के रंगों के साथ उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में बड़ी संख्या में शहरवासी परिवार सहित शामिल हुए और देर रात तक रवीन्द्र संगीत की मधुर स्वर लहरियों में डूबे रहे।

कार्यक्रम में रवीन्द्र संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियों, शास्त्रीय एवं भावनात्मक नृत्य, काव्य पाठ और साहित्यिक अभिव्यक्तियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन की विशेष बात यह रही कि मंच पर 8 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों से लेकर वरिष्ठ कलाकारों तक की प्रस्तुतियों ने गुरुदेव के साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों की गहरी आस्था को जीवंत कर दिया।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान कलाकारों ने गुरुदेव की रचनाओं को संगीत, नृत्य और अभिनय के माध्यम से भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। पूरे परिसर में बंगीय संस्कृति और साहित्यिक वातावरण की सुंदर छटा देखने को मिली। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को गुरुदेव के साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों के बीच विशेष रूप से झालमुड़ी एवं रसगुल्ला का वितरण किया गया, जिसने कार्यक्रम को और भी आत्मीय एवं यादगार बना दिया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी कलाकारों, सहयोगियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।

