मंत्री गजेन्द्र यादव ने खेत में चलाया ट्रैक्टर, किसानों संग शुरू कराई धान रोपाई
मंत्री बनने के बाद भी माटी से जुड़ाव बरकरार, बोले- खेती हमारी पहचान और जीवन का आधार


दुर्ग। प्रदेश में मानसून की अच्छी बारिश के बाद खेती-किसानी का काम रफ्तार पकड़ चुका है। इसी बीच दुर्ग शहर विधायक एवं प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग तथा विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव शुक्रवार को अपने गृहग्राम अहिवारा के समीप स्थित माटरा गांव के खेत पहुंचे और किसानों के साथ खेती के कार्यों में हिस्सा लिया।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर धान रोपाई से पहले खेत की मताई की और करीब दो एकड़ भूमि को रोपाई के लिए तैयार किया। इसके बाद उन्होंने खेत का निरीक्षण कर खाद की उपलब्धता और खेती की तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही किसानों को समय पर निंदाई-गुड़ाई करने की सलाह देते हुए धान रोपाई का कार्य भी शुरू कराया।
इस दौरान मंत्री यादव ने कहा कि व्यक्ति चाहे किसी भी पद पर पहुंच जाए, उसे अपनी माटी, संस्कृति और मूल कार्य को कभी नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मैं किसान परिवार से हूं। खेती-किसानी हमारे जीवन का आधार है। समय मिलने पर आज भी खेत में जाकर खेती के कार्यों में भाग लेता हूं।"
हर साल खेती के कार्यों में रहते हैं सक्रिय
गजेन्द्र यादव ने कहा कि मंत्री बनने के बाद भी वे अपनी खेती की स्वयं देखरेख करते हैं और हर वर्ष खेती के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उनका मानना है कि किसानों की मेहनत और खेती के महत्व को समझने के लिए खेत से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है।
किसान परिवार से होने के कारण वे किसानों की समस्याओं और उनकी जरूरतों को बेहतर तरीके से समझते हैं। खेत में किसानों के साथ उनकी सहभागिता छत्तीसगढ़ की माटी, कृषि संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके आत्मीय जुड़ाव को भी दर्शाती है।
