दुर्ग कलेक्टरेट परिसर में ₹50 लाख के पेविंग ब्लॉक कार्य का महापौर ने किया निरीक्षण

निर्माण गुणवत्ता पर दिए सख्त निर्देश, वर्षा जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने पर जोर

दुर्ग कलेक्टरेट परिसर में ₹50 लाख के पेविंग ब्लॉक कार्य का महापौर ने किया निरीक्षण

दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने शुक्रवार को कलेक्टरेट परिसर में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से चल रहे पेविंग ब्लॉक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान लोक कर्म विभाग के प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, पार्षद रामचंद्र सेन, युवराज कुंजाम, खिलावन मटियारा, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू, उप अभियंता मोहित मरकाम तथा विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

महापौर अलका बाघमार ने कहा कि कलेक्टरेट परिसर प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिकों के आवागमन का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में परिसर का सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेविंग ब्लॉक निर्माण से लोगों की आवाजाही आसान होगी और परिसर की सुंदरता भी बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाए।

वर्षा जल संरक्षण पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान महापौर ने परिसर में वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर बढ़ाने और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रत्येक शासकीय परिसर में वर्षा जल संचयन की प्रभावी व्यवस्था होना जरूरी है।

महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य के साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग की योजना तैयार कर जल्द अमल में लाने के निर्देश दिए।

गुणवत्ता और पर्यावरण दोनों पर फोकस

महापौर अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, दीर्घकालिक उपयोगिता और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखा जा रहा है।

समय-सीमा में पूरा होगा कार्य

लोक कर्म विभाग के प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने बताया कि कलेक्टरेट परिसर में स्वीकृत राशि के अनुसार निर्धारित मापदंडों के तहत पेविंग ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। महापौर के निर्देशानुसार परिसर में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, जिससे वर्षा के पानी का संरक्षण हो सके।