बच्चे के भविष्य को देखते हुए आवेदिका ने की छात्रवृत्ति राशि  की मांग

सिवरेज टैंक को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने दिया आवेदन, जनदर्शन में प्राप्त हुए 142 आवेदन       

बच्चे के भविष्य को देखते हुए आवेदिका ने की छात्रवृत्ति राशि  की मांग

दुर्ग। प्रति सोमवार को आयोजित होने वाले कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले के विभिन्न स्थानों से आवेदन लेकर पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनी और संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही करने के लिए आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 142 आवेदन प्राप्त हुए। 

      विश्व बैंक कॉलोनी कुरूद निवासी ने सीवरेज टैंक को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने संबंधी आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्व बैंक कॉलोनी कुरूद में हाउसिंग बोर्ड द्वारा सीवरेज टंकी बनाया गया है। जर्जर अवस्था में होने के कारण सीवरेज का गंदा पानी बहते रहता है, जिसकी बदबू और गंदगी से कॉलोनीवासी परेशान है। वर्तमान में घर के सामने एक और सीवरेज टंकी बनाई जा रही हैं । इस पर कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। 

   

नगपुरा निवासी ने छात्रवृत्ति राशि प्रदान किए जाने की मांग की। आवेदिका ने बताया कि वह रोजी मजदूरी का काम कर परिवार एवं बच्चे के पढ़ाई का खर्च उठाती है। वर्तमान में पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  बच्चे के भविष्य को देखते हुए उन्होंने छात्रवृत्ति  राशि की मांग की। इस पर कलेक्टर ने आदिमजाति एवं कल्याण विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए । शारदापारा केम्प 2 के निवासियों ने स्कूल के पास कचरा डम्प न कर उस स्थान पर बच्चों के खेलकूद के लिए आरक्षित करने आवेदन दिया। युग निर्माण स्कूल के पास कूड़ा कचरा डम्पिंग किया जाता है, जिसके कारण यहां रहने वाले आसपास के घरों में कचरा उड़कर अंदर घर में पहुंच जाता है।

एकत्रित किए गए कूड़ा कचरा से दुर्गंध आती है। इससे आवारा मवेशियों का आना भी लगा रहता है। कचरे के बदबू से गंभीर संक्रमण होने की संभावना बनी रहती है। डम्पिंग किए जाने वाले स्थान पर वृक्षारोपण कर बच्चों के खेलकूद के लिए आरक्षित करने हेतु आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। राशन कार्ड में नाम जोड़वाने, छत के ऊपर से बिजली तार हटाने, राशनकार्ड बनाने, अवैध कब्जा इत्यादि से संबंधित आवेदन के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास के अधिक आवेदन प्राप्त हुए।