महादेव सट्टा ऐप केस: EBIX मालिक विकास गर्ग 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, ED को पूछताछ में मिले अहम सुराग

महादेव सट्टा ऐप केस: EBIX मालिक विकास गर्ग 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, ED को पूछताछ में मिले अहम सुराग

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में EBIX कंपनी के मालिक विकास गर्ग की 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें मंगलवार को PMLA की विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने विकास गर्ग को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

ED ने अदालत को बताया कि कस्टोडियल रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि पूछताछ में मिले तथ्यों से महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के तौर-तरीकों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।

वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों की हुई गहन पूछताछ

जानकारी के अनुसार, 10 दिनों की पूछताछ के दौरान ED अधिकारियों ने विकास गर्ग से वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, कंपनियों के संचालन और कथित अवैध धन के उपयोग को लेकर विस्तृत पूछताछ की। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई ऐसे दस्तावेज और जानकारियां सामने आई हैं, जो जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

सौरभ चंद्राकर से करीबी संबंधों की जांच

ED सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान विकास गर्ग के महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर से करीबी संबंधों के संकेत मिले हैं। एजेंसी आर्थिक और व्यावसायिक संपर्कों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

इसके अलावा सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके परिवार से जुड़े बैंक खातों में धनराशि जमा होने के संबंध में भी जांच एजेंसी को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने का दावा किया गया है। इन लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की परतें खंगाल रही ED

प्रवर्तन निदेशालय लंबे समय से इस मामले में अवैध धन के प्रवाह और उसे वैध बनाने के कथित प्रयासों की जांच कर रहा है। एजेंसी का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से सफेद धन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।

जांच के दौरान कई वित्तीय दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही और धन का लेनदेन किन माध्यमों से किया गया।

बढ़ सकता है जांच का दायरा

ED का मानना है कि विकास गर्ग से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसी पूरे आर्थिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है।