लोन दिलाने के नाम पर साइबर फ्रॉड का खेल, भिलाई में 2 आरोपी गिरफ्तार
म्यूल बैंक खाते और फर्जी पासबुक के जरिए चल रहा था अवैध लेनदेन, छावनी पुलिस की कार्रवाई

भिलाई। दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर अपराध और अवैध आर्थिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना छावनी पुलिस ने म्यूल बैंक खातों और फर्जी पासबुक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी एवं क्रिकेट सट्टे में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश जायसवाल निवासी शारदा पारा कैम्प-02 भिलाई और जावेद अख्तर निवासी मदर टेरेसा नगर कैम्प-01 भिलाई शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, भिलाई के बैकुण्ठ धाम आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-25 परिसर में लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, पासबुक और अन्य दस्तावेज जुटाकर उनका उपयोग साइबर फ्रॉड और अवैध लेनदेन में किए जाने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान 16 मई 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जावेद अख्तर, आकाश जायसवाल के माध्यम से बैंक खाते और पासबुक एकत्र कर उन्हें मोटी रकम लेकर अन्य लोगों को उपलब्ध करा रहा है। सूचना मिलते ही थाना छावनी पुलिस ने तत्काल रेड कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते और पासबुक हासिल करते थे। बाद में इन खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट, साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और क्रिकेट सट्टे जैसी अवैध गतिविधियों में किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक खाता दस्तावेज, पासबुक और वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ थाना छावनी में बीएनएस की धारा 319 और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
