भानुसिंहेर पदावली की संगीतमय प्रस्तुति ने बांधा समां
हिंदू मिलन मंदिर में देर रात तक गूंजती रहीं राधा-कृष्ण प्रेम और भक्ति की मधुर स्वर लहरियां

भिलाई। रिसाली स्थित हिंदू मिलन मंदिर शनिवार की शाम भक्ति, संगीत और सांस्कृतिक सौंदर्य से सराबोर नजर आया। विश्वकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की अमर कृति “भानुसिंहेर पदावली” पर आधारित संगीतमय नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति ने दर्शकों को देर रात तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा। खचाखच भरे सभागार में राधा-कृष्ण प्रेम, विरह और भक्ति की मधुर स्वर लहरियां लगातार गूंजती रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और गुरुदेव के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य संरक्षक स्वामी शिवरूपानंदजी, मुख्य अतिथि पवन कुमार, विशेष अतिथि प्रबीर सरकार तथा सम्मानित अतिथियों में प्रणब सेनगुप्ता, शक्तिपद चक्रवर्ती, गोपाल सामंतो और अनिल कुमार उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा सभागार तालियों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

हिंदू मिलन मंदिर, रिसाली के सचिव सुभाष साहा के नेतृत्व और सांस्कृतिक सचिव श्रौती साहा घोष के निर्देशन में प्रस्तुत इस नृत्य-नाटिका ने दर्शकों को भावनाओं की एक अलग दुनिया में पहुंचा दिया। कलाकारों ने राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम, विरह और पुनर्मिलन को सजीव अभिनय, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और आकर्षक नृत्य मुद्राओं के माध्यम से बेहद मार्मिक ढंग से मंचित किया।

राधा की विरह-वेदना और कृष्ण के प्रति उनके अथाह प्रेम को कलाकारों ने इतनी संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया कि कई दर्शक भावुक नजर आए। वहीं कृष्ण की चंचल मुस्कान, मुरली की मोहक अदा और आनंदमयी भाव-भंगिमाओं ने पूरे वातावरण में उल्लास भर दिया। सखियों के संवाद, प्रेम की कोमल अनुभूतियां और पुनर्मिलन के दृश्य प्रस्तुति के प्रमुख आकर्षण रहे।
कार्यक्रम में गायक कलाकारों की मधुर और आत्मीय प्रस्तुति ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। सुर, ताल और भावों के अद्भुत समन्वय ने पूरी प्रस्तुति को जीवंत बना दिया। प्रत्येक गीत के साथ दर्शक भावनाओं के नए संसार में खोते चले गए और सभागार बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।