सोशल मीडिया पर गुंडागर्दी दिखाना पड़ा भारी: दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 तलब, 2 पर केस

सोशल मीडिया पर गुंडागर्दी दिखाना पड़ा भारी: दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 तलब, 2 पर केस

दुर्ग, 02 जून 2026। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, नशाखोरी, गुंडागर्दी और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। साइबर सेल और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे 6 लोगों को चिन्हित कर तलब किया गया, जिनके सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री पोस्ट की गई थी।

जांच में सामने आया कि कुछ युवक इंस्टाग्राम और फेसबुक पर खुद को "किंग", "डॉन" और "गैंगस्टर" बताकर हथियार, नशा और असामाजिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो व पोस्ट साझा कर रहे थे। पुलिस ने सभी अकाउंटों की जांच कर संबंधित सामग्री हटवाई और कड़ी चेतावनी दी।

4 नाबालिगों की पहचान, परिजनों को बुलाकर दी गई समझाइश

कार्रवाई के दौरान चिन्हित 6 व्यक्तियों में से 4 नाबालिग पाए गए। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन से आपत्तिजनक पोस्ट तत्काल हटवाए और अभिभावकों को बुलाकर कड़ी समझाइश दी। साथ ही सोशल मीडिया के दुरुपयोग से होने वाले कानूनी और सामाजिक परिणामों की जानकारी देकर उन्हें काउंसलिंग के लिए भेजा गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक भड़काऊ पोस्ट भी सामाजिक तनाव, विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकती है। नाबालिगों और उनके परिजनों ने भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने का आश्वासन दिया है।

दो युवकों पर वैधानिक कार्रवाई

जांच के दौरान दो वयस्क युवकों के मोबाइल फोन में भी आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री मिली। पुलिस ने पोस्ट हटवाने के साथ उनके खिलाफ थाना छावनी में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

कार्रवाई की जद में आए युवकों में शामिल हैं:

कुलदीप सिंह (23 वर्ष), निवासी सेक्टर-11, थाना छावनी

दुर्गेश सोनी (21 वर्ष), निवासी प्रगतिनगर कैंप-1, थाना छावनी

अभिभावकों से पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों और युवाओं की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में कई बार ऐसे वीडियो और पोस्ट साझा किए जाते हैं, जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आते हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर लड़ाई-झगड़े, हथियारों का प्रदर्शन, नशाखोरी को बढ़ावा देने वाली सामग्री, सांप्रदायिक या जातीय भावनाएं भड़काने वाली पोस्ट तथा समाज में भय और अशांति फैलाने वाले कंटेंट पर भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।