दुर्ग पुलिस की सख्ती: कूरियर और ई-कॉमर्स पर कड़ी नजर, अवैध हथियार व नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण

दुर्ग। अवैध हथियारों और नशीली दवाइयों के बढ़ते नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए दुर्ग पुलिस ने अब कूरियर और ई-कॉमर्स चैनल को फोकस में लिया है। इसी कड़ी में 21 अप्रैल 2026 को सेक्टर-06 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण में कूरियर कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों को NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि नशीली दवाइयों और अवैध हथियारों का परिवहन, भंडारण या वितरण गंभीर अपराध है, जिसमें सख्त कार्रवाई तय है।

प्रतिनिधियों को संदिग्ध पार्सल की पहचान, स्कैनिंग प्रक्रिया और ग्राहक सत्यापन (KYC) को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही हर पार्सल की बुकिंग के समय प्रेषक की सही पहचान सुनिश्चित करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने पर जोर दिया गया।
पुलिस ने कूरियर हब और गोदामों में CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और डिलीवरी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने कहा कि कूरियर नेटवर्क का दुरुपयोग रोकने के लिए पुलिस और कंपनियों के बीच लगातार समन्वय जरूरी है।
इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा, डीएसपी क्राइम यदुमणि सिदार सहित पुलिस कंट्रोल रूम के अधिकारी और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
