राजस्व प्रकरणों में देरी पर कलेक्टर सख्त, लापरवाह पटवारियों पर होगी कार्रवाई
समय-सीमा में नामांतरण, फौती और बंटवारा प्रकरणों के निराकरण के निर्देश, निलंबन के प्रस्ताव भेजने को कहा











दुर्ग, 17 अक्टूबर। जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समय-सीमा में पूरे होने वाले मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। लगातार लापरवाही बरतने और निर्देशों के बावजूद काम पूरा नहीं करने वाले पटवारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निलंबन के प्रस्ताव भेजे जाएं।
कलेक्टर ने नामांतरण, फौती, बंटवारा, सीमांकन, धारणाधिकार, भूमि आवंटन और मुआवजा वितरण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने समय-सीमा से बाहर लंबित फौती नामांतरण और बंटवारा मामलों पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
पटवारियों की जिम्मेदारी होगी तय
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि राजस्व आदेश पारित होने के बाद रिकॉर्ड दुरुस्ती सहित संबंधित कार्यों को समय पर पूरा किया जाना चाहिए। काम में अनावश्यक देरी करने वाले पटवारियों की प्रकरण क्रमांक सहित सूची तैयार कर जिम्मेदारी तय की जाए। लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर मैदानी अमले से कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली जाए।
ऑनलाइन रिकॉर्ड दुरुस्ती, नक्शा संशोधन, बटांकन और डीसीएस से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। नॉन जियो-रिफरेंस खसरों और नक्शा दुरुस्ती के लंबित मामलों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया गया। पटवारियों की अनुपलब्धता से राजस्व कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने और तकनीकी बाधाओं के समाधान के लिए आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश भी दिए गए।
धान बेचने में किसानों को न हो परेशानी
कलेक्टर ने खसरा सर्वे और पॉलीगन मैपिंग की समीक्षा करते हुए बिना जियो-रिफरेंसिंग वाले खेतों की मौके पर जाकर सही पहचान करने को कहा। चालू वर्ष में धान लगाए गए ऐसे खेत, जो सर्वे में छूट गए हैं, उनका प्राथमिकता से सर्वे करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को धान विक्रय में परेशानी का सामना न करना पड़े।
खेतों की वास्तविक स्थिति और सीमाओं के निर्धारण के लिए पटवारी, सरपंच, पंच, ग्राम कोटवार और भूमि स्वामियों का सहयोग लेने को कहा गया। तैयार नक्शों की जांच के बाद ही उन्हें डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंग, संयुक्त कलेक्टर खेमलाल वर्मा, दुर्ग शहर एसडीएम प्रफुल्ल गुप्ता, दुर्ग ग्रामीण एसडीएम सोनाल डेविड, पाटन एसडीएम नीर निधि, धमधा एसडीएम अंजलि खलको सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
