26 लाख के ऋण वाले मकान का ताला तोड़कर कब्जा, बैंक की शिकायत पर मामला दर्ज

दुर्ग। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शिकायत पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने बैंक के कब्जे वाले बंधक मकान का ताला तोड़कर दोबारा कब्जा करने के मामले में कार्रवाई शुरू की है। बैंक प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि ऋणी के पुत्र ने सीलबंद मकान का ताला तोड़कर उसमें अनधिकृत रूप से कब्जा कर लिया और बैंक की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्षेत्रीय प्रबंधक ऐनी अंसारी ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2016 में मोहम्मद कासिम खान एवं मोहम्मद नसीम खान ने सुभाष नगर, कसारीडीह स्थित मकान को बंधक रखकर 26 लाख रुपये का आवास ऋण लिया था। ऋण खाते के एनपीए होने के बाद सरफेसी अधिनियम के तहत जिला दंडाधिकारी के आदेश पर बैंक ने मकान का कब्जा प्राप्त कर उसे सीलबंद कर दिया था।

बैंक के अनुसार 21 मार्च 2025 को मोहम्मद कासिम खान के पुत्र वसीम खान ने मकान का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया था। इसके बाद प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत 10 मार्च 2026 को दोबारा बैंक को मकान का कब्जा दिलाया गया और संपत्ति को सीलबंद किया गया। बैंक ने संपत्ति की ई-नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की थी। शिकायत में कहा गया है कि 28 अप्रैल 2026 को वसीम खान ने फिर से सील और ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया। निरीक्षण के दौरान बैंक अधिकारियों ने पाया कि बैंक द्वारा लगाए गए ताले हटाकर दूसरे ताले लगा दिए गए थे तथा कब्जे संबंधी नोटिसों को भी मिटा दिया गया था। बैंक ने यह भी आरोप लगाया है कि वसीम खान ने बैंक की अनुमति के बिना बंधक संपत्ति के राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर अपना तथा अन्य परिजनों का नाम दर्ज करा लिया। बैंक ने इसे छलपूर्वक की गई कार्रवाई बताते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और मकान का कब्जा पुनः बैंक को दिलाने की मांग की है।
