अरपा नदी में अवैध रेत उत्खनन पर जेसीबी ऑपरेटर को 3 साल की सजा
न्यायालय ने लगाया 26 हजार रुपये का जुर्माना, नगोई घाट में बिना अनुमति रेत की खुदाई करने का मामला











बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन के मामले में न्यायालय ने जेसीबी ऑपरेटर को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर कुल 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दर्ज प्रकरण में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर 15 जून 2025 से जिले में रेत सहित अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान चलाया गया था। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत 66 प्रकरणों में विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
नगोई घाट में बिना अनुमति हो रही थी खुदाई
इसी अभियान के दौरान 17 जून 2025 को नगोई घाट स्थित अरपा नदी में जेसीबी मशीन क्रमांक सीजी 11 एबी 3246 से बिना अनुमति रेत की खुदाई किए जाने का मामला सामने आया था। जांच के बाद करगीरोड कोटा के डाकबंगला निवासी अनिल कुमार गौलिया, पिता तिलक राम गौलिया, के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।
दो प्रावधानों के तहत सजा और जुर्माना
न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), सहपठित धारा 3(5) के तहत दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1), 4(1क) एवं 21 के तहत 25 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।
इस तरह न्यायालय ने कुल 26 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अवैध खनन के मामलों में हुई इस कार्रवाई को जिले में खनिज संपदा की चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
